NTPC ने महाराष्ट्र के मौदा पावर स्टेशन के लिए GR Infraprojects के साथ हुए ₹413.37 करोड़ के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है। देरी के कारण NTPC ने कंपनी की ₹91 करोड़ की परफॉरमेंस सिक्योरिटी भी जब्त कर ली है।
भारी भरकम प्रोजेक्ट पर लगा ब्रेक
NTPC लिमिटेड ने आधिकारिक तौर पर GR Infraprojects के साथ हुए 400 MWh के BESS प्रोजेक्ट को खत्म कर दिया है। यह कॉन्ट्रैक्ट महाराष्ट्र के मौदा सुपर थर्मल पावर स्टेशन के लिए था। कंपनी ने देरी और तय किए गए माइलस्टोन्स को पूरा न करने का हवाला देते हुए मार्च 2026 में हुए इस समझौते को रद्द कर दिया है।
क्या है 'रिस्क-एंड-कॉस्ट' का गणित?
प्रोजेक्ट रद्द होने के बाद, NTPC ने ₹91 करोड़ की परफॉरमेंस सिक्योरिटी जब्त कर ली है। इतना ही नहीं, कंपनी अब इस प्रोजेक्ट के लिए फिर से टेंडर (re-tendering) निकाल रही है। NTPC ने साफ कर दिया है कि नया काम पुराने ठेकेदार यानी GR Infraprojects की 'रिस्क और कॉस्ट' पर पूरा किया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर नया कॉन्ट्रैक्ट किसी और कंपनी को ज्यादा कीमत पर मिलता है, तो वह अतिरिक्त खर्च GR Infraprojects को भरना पड़ सकता है।
कंपनी के लिए बड़ी चुनौती
यह प्रोजेक्ट GR Infraprojects के लिए सड़क निर्माण और रेलवे से हटकर एनर्जी सेक्टर में अपनी धाक जमाने का एक बड़ा मौका था। बैटरी स्टोरेज सेक्टर में तकनीकी विशेषज्ञता की जरूरत होती है, जो उनकी कोर इंजीनियरिंग से काफी अलग है। इस झटके से कंपनी की साख पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि अब भविष्य के हाई-टेक प्रोजेक्ट्स में बोली लगाने की उनकी क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
बाजार के जानकारों का मानना है कि अब निवेशकों को री-टेंडरिंग प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। अगर नया कॉन्ट्रैक्ट देने में देरी होती है, तो यह प्रोजेक्ट के पूरे टाइमलाइन पर दबाव बढ़ाएगा। निवेशकों को कंपनी की अगली ऑफिशियल स्टेटमेंट्स और कानूनी प्रतिक्रियाओं का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी और ऑर्डर बुक पर पड़ेगा।
