नए परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पर फोकस
NTPC और EDF के बीच हुए इस समझौते के तहत, दोनों कंपनियां मिलकर भारत में नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Power Projects) स्थापित करने की व्यवहार्यता (feasibility) का पता लगाएंगी। यह सहयोग भारत की साफ ऊर्जा (clean energy) क्षमता को बढ़ाने और देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा (energy security) को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
EDF की EPR टेक्नोलॉजी का होगा मूल्यांकन
इस कोलैबोरेशन में EDF की एडवांस्ड EPR टेक्नोलॉजी को भारतीय ज़रूरतों के हिसाब से परखा जाएगा। इसके अलावा, बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट्स को स्थानीय स्तर पर बनाने (localization) के अवसरों की तलाश की जाएगी। साथ ही, इन संभावित प्रोजेक्ट्स की आर्थिक व्यवहार्यता (economic viability) और टैरिफ (tariff) के पहलुओं का भी गहराई से अध्ययन किया जाएगा।
मानव संसाधन और साइट चयन पर भी काम
टेक्नोलॉजी के अलावा, यह डील समर्पित ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के ज़रिए मानव संसाधन (human resource) की क्षमता निर्माण और उपयुक्त प्रोजेक्ट साइट्स की पहचान करने पर भी केंद्रित होगी।
NTPC का एनर्जी विस्तार और अन्य अपडेट
यह पहल NTPC की साफ और भरोसेमंद ऊर्जा स्रोतों में विस्तार की व्यापक रणनीति के अनुरूप है। NTPC के पास फिलहाल 89 GW से ज़्यादा की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी है, जिसमें से 32 GW पर काम चल रहा है। कंपनी का लक्ष्य 2032 तक 149 GW तक पहुंचने का है, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा योगदान होगा।
हाल ही में, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) ने NTPC के दादरी थर्मल पावर स्टेशन की दो यूनिट्स की कैपेसिटी को 490 MW से बढ़ाकर 500 MW करने को मंज़ूरी दी है, जो 7 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। NTPC के शेयर 8 अप्रैल को ₹373.00 पर बंद हुए थे, जो बाजार में हल्की सकारात्मकता के बीच 1.13% ऊपर थे।