NTPC ने आने वाले 10 सालों के लिए ₹17 लाख करोड़ के भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट प्लान का ऐलान किया है, लेकिन बाजार ने इसे ठंडे बस्ते में डाला है। कंपनी के शेयर आज ₹308.40 के अपने 52-वीक लो (Low) पर पहुंच गए हैं, क्योंकि निवेशकों को कंपनी के बढ़ते कर्ज की चिंता सता रही है।
सरकारी पावर कंपनी NTPC ने भारत के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक मेगा कैपिटल एक्सपेंडिचर स्ट्रेटेजी पेश की है। बढ़ती पावर डिमांड और डेटा सेंटर्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए कंपनी अगले 10 वर्षों में ₹17 लाख करोड़ का निवेश करेगी, जिसमें से पहले 5 वर्षों के लिए ₹7 लाख करोड़ का फंड अलग रखा गया है।
डायवर्सिफिकेशन और एनर्जी स्ट्रेटेजी
NTPC अब पूरी तरह कोयले पर निर्भर रहने के बजाय अपनी दिशा बदल रही है। कंपनी 2047 तक 30 गीगावाट न्यूक्लियर एनर्जी कैपेसिटी हासिल करने का लक्ष्य बना रही है। साथ ही, कंपनी CO2 और वैनेडियम फ्लो बैटरी जैसी स्टोरेज टेक्नोलॉजी पर ध्यान दे रही है ताकि पीक डिमांड के दौरान पावर की कमी न हो। इसके अलावा, कंपनी ने एक नया मॉडल पेश किया है जिसमें इंडस्ट्रियल कंज्यूमर्स को को-जेनरेशन प्रोजेक्ट्स में 26% इक्विटी स्टेक लेने का मौका दिया जा रहा है।
फाइनेंशियल सेहत और रिस्क फैक्टर्स
इतने बड़े निवेश के सामने कंपनी की फाइनेंशियल हालत पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल NTPC का डेट-टू-EBITDA रेशियो करीब 4.90 गुना है, जो काफी अधिक माना जा रहा है। कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) भी केवल 8.41% है। निवेशकों को चिंता है कि क्या इतने भारी कर्ज के साथ इन महंगे प्रोजेक्ट्स को पूरा करना कंपनी की बैलेंस शीट को और कमजोर नहीं कर देगा। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी बिना कर्ज के बोझ को बढ़ाए इन लक्ष्यों को हासिल कर पाती है या नहीं।
