NMDC ने अब आयरन ओर के भरोसे रहने के बजाय अपने कारोबार को फैलाने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी Q3 FY27 से Tokisud North माइन से कमर्शियल थर्मल कोल का उत्पादन शुरू करने जा रही है, जिसका लक्ष्य इस फाइनेंशियल ईयर में **1 मिलियन टन** की बिक्री करना है।
कोयले की दुनिया में नई एंट्री
NMDC अब सिर्फ आयरन ओर तक सीमित नहीं रहेगी। कंपनी झारखंड स्थित अपनी Tokisud North माइन से कमर्शियल थर्मल कोल उत्पादन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी का लक्ष्य इस फाइनेंशियल ईयर में 1 मिलियन टन कोयले की बिक्री करना है, जो कंपनी की रेवेन्यू डायवर्सिफिकेशन रणनीति का एक बड़ा हिस्सा है।
भविष्य की बड़ी योजनाएं (Long-Term Goals)
कोयले की इस नई शुरुआत के अलावा, कंपनी Rohne कोकिंग कोल ब्लॉक पर भी काम कर रही है, जिससे 2027-28 फाइनेंशियल ईयर में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी का लॉन्ग-टर्म विजन स्पष्ट है—2030 तक अपने कुल रेवेन्यू का 20% हिस्सा उन खनिजों से हासिल करना जो आयरन ओर नहीं हैं। साथ ही, कंपनी आयरन ओर के उत्पादन को 100 मिलियन टन तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
फाइनेंशियल हेल्थ और मार्जिन का दबाव
कंपनी के हालिया नतीजों पर नजर डालें तो Q1 FY27 में NMDC ने ₹6,795 करोड़ का रेवेन्यू और ₹2,007 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी सालाना 60 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रही है, लेकिन मार्जिन पर थोड़ा दबाव दिख रहा है। EBITDA मार्जिन घटकर 41% पर आ गया है, जो पहले 42% था। इसका मुख्य कारण बढ़ती हुई ऑपरेशनल कॉस्ट और ऊंचे वैधानिक लेवी (statutory levies) बताए जा रहे हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को कंपनी के मार्जिन ट्रेंड पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। हालांकि कोयले में उतरना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन नई परियोजनाओं के लिए भारी कैपिटल इन्वेस्टमेंट की जरूरत होगी। बाजार अब यह देख रहा है कि मैनेजमेंट बढ़ती लागतों के बीच मुनाफा कैसे बनाए रखता है और क्या Tokisud North से उत्पादन बिना किसी रुकावट के समय पर शुरू हो पाता है या नहीं।
