📊 रिकॉर्ड नतीजे: NLC India की कमाई में ज़बरदस्त उछाल!
NLC India Limited (NLCIL) ने दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों के लिए अपने इतिहास के सबसे शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं. कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) रिकॉर्ड ₹12,447.07 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि यानी FY25 के ₹11,446.97 करोड़ की तुलना में 8.74% की जोरदार YoY (Year-on-Year) बढ़ोतरी दिखाता है. इसी तरह, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी ₹2,288.02 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 1.91% बढ़ा है. कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 4.34% बढ़कर ₹4,898.62 करोड़ रहा.
अगर स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर देखें तो, NLCIL ने ₹7,945.59 करोड़ का ऑपरेशनल रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 5.06% ज़्यादा है. वहीं, स्टैंडअलोन PAT ₹1,281.59 करोड़ रहा, जिसमें 3.04% की YoY बढ़ोतरी हुई. स्टैंडअलोन EBITDA भी 1.03% बढ़कर ₹3,239.80 करोड़ रहा.
गुणवत्ता पर एक नज़र: हालांकि रेवेन्यू ग्रोथ काफी दमदार है, पर PAT ग्रोथ थोड़ी धीमी रही, जिससे मार्जिन पर कुछ दबाव दिख रहा है. इसके बावजूद, कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) 31 दिसंबर 2025 तक 8.97% बढ़कर ₹18,535.20 करोड़ हो गई है. देनदारों से कैश की वसूली ₹10,000 करोड़ से ऊपर यानी ₹10,242 करोड़ तक पहुंच गई, जो कुशल वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट को दर्शाता है.
🚀 ऑपरेशनल मोर्चे पर बड़ी सफलताएँ
Q3 FY25-26 के दौरान NLCIL ने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल उपलब्धियां हासिल कीं. NUPPL GTPP का यूनिट II (660 MW) 9 दिसंबर 2025 को कमर्शियल ऑपरेशन डिक्लेरेशन (COD) प्राप्त कर चुका है. तलबिरा खदान (Talabira Mine) ने 30 और 31 दिसंबर 2025 को अपना सबसे ज़्यादा सिंगल-डे कोयला उत्पादन (1,01,040 टन) और डिस्पैच (91,124 टन) दर्ज किया. इसके अलावा, पचवारा साउथ ओपन कास्ट माइंस (Pachwara South Open Cast Mines) ने 19 दिसंबर 2025 को काम शुरू कर दिया है, जहाँ से Q4 FY25-26 में कोयला उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है.
रणनीतिक स्तर पर, NLCIL ने 23 जनवरी 2026 को 300 MW SPP (Solar Power Project) के साथ बारसिंगसर (Barsingsar) में अपनी सबसे ज़्यादा क्षमता वाला सिंगल-लोकेशन सोलर प्लांट चालू किया. कंपनी को NCRTC से 110 MW के सोलर प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) मिला. नॉर्थ धाधू खदान (North Dhadu mine) के लिए एक कोल माइनिंग एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए. साथ ही, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को फंड करने के लिए SMBC के साथ 15.464 बिलियन JPY (यानी 100 मिलियन USD) का पहला ग्रीन लोन एग्रीमेंट (Green Loan Agreement) किया गया. NLCIL की सब्सिडियरी, NIRL, ने PTC India Ltd के साथ 2000 MW की ग्रीन एनर्जी कैपेसिटी के लिए JV (Joint Venture) एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए और ओडिशा में रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स के लिए OREOA के साथ एक MoU (Memorandum of Understanding) किया. DIPAM ने रिन्यूएबल एनर्जी सहयोग के लिए NIRL और MAHAPREIT के बीच एक JV को मंजूरी दी. 1 जनवरी 2026 से प्रभावी, NLCIL से NIRL को रिन्यूएबल एनर्जी (RE) एसेट्स ट्रांसफर करने के लिए एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (BTA) साइन किया गया.
🚩 जोखिम और आगे का रास्ता
हालांकि कंपनी का प्रदर्शन दमदार है, लेकिन निवेशक खनन और बड़े पैमाने पर सोलर प्रोजेक्ट्स जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स के निष्पादन पर बारीकी से नज़र रखेंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे समय पर और लागत-प्रभावी ढंग से पूरे हों. नई माइनिंग लीज के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल और रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसीज़ में किसी भी संभावित बदलाव से चुनौतियां पैदा हो सकती हैं.
कंपनी का भविष्य का दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, जिसका मुख्य कारण थर्मल पावर, लिग्नाइट माइनिंग और तेजी से विस्तार कर रहे रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट में इसका विविध पोर्टफोलियो है. आक्रामक कैपेक्स और रणनीतिक साझेदारियां दीर्घकालिक क्षमता विस्तार और स्थायी विकास के लिए तैयार की गई हैं. FY2024-25 के लिए मिला 'उत्कृष्ट' (Excellent) रेटिंग इसकी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को और मजबूत करता है.