नतीजों ने शेयर को दी रॉकेट स्पीड
गुरुवार, 14 मई 2026 को NLC India का शेयर 11% से ज्यादा उछलकर लगभग ₹361.55 पर पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह कंपनी द्वारा जारी किए गए FY26 की चौथी तिमाही (Q4) और पूरे साल के शानदार नतीजे रहे। कंपनी ने बताया कि Q4 में नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 189% बढ़कर ₹1,393 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹482 करोड़ था। 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 31% बढ़कर ₹5,042 करोड़ दर्ज किया गया। एक्सेप्शनल आइटम्स और टैक्स से पहले का प्रॉफिट 66% बढ़ा, जो मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस का नतीजा है। कंपनी की कुल पावर जनरेशन 28.95 बिलियन यूनिट्स रही, जो एक रिकॉर्ड है। वहीं, कोयले का उत्पादन भी 11.28% बढ़कर 19.14 मिलियन टन तक पहुंच गया। बाजार ने इन नतीजों का गर्मजोशी से स्वागत किया, जो कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी में निवेशकों के भरोसे को दिखाता है।
ग्रीन एनर्जी और वैल्यूएशन पर फोकस
NLC India का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो फिलहाल लगभग 19 है, जो रिन्यूएबल एनर्जी इंडस्ट्री के एवरेज 27.5 से काफी कम है। यह NTPC (P/E 15.66-24.56) और Power Grid Corporation of India (P/E 17-20) जैसे साथियों की तुलना में भी आकर्षक लगता है। Coal India का P/E लगभग 9-10 है। ऐसे में, यह उन निवेशकों के लिए एक अच्छा मौका हो सकता है जो एनर्जी सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं, खासकर कंपनी के ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ते कदमों को देखते हुए। भारत सरकार का 2030 तक 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता और 2070 तक नेट-जीरो एमिशन का लक्ष्य इस सेक्टर को नई ऊंचाई दे रहा है। कंपनी की सब्सिडियरी NLC India Renewables Ltd. (NIRL) का संभावित IPO और एसेट मोनेटाइजेशन प्लान, ग्रीन एनर्जी में विस्तार और शेयरधारकों के लिए वैल्यू बनाने की मंशा साफ करते हैं। पिछले एक साल में, 14 मई 2026 तक, NLC India के शेयर ने मार्केट से बेहतर प्रदर्शन करते हुए करीब 48.88% का रिटर्न दिया है।
किन बातों पर रखें नज़र?
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है। Q4 में नेट प्रॉफिट 189% बढ़ा हो, लेकिन पिछले साल का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) करीब 14.5% रहा, जो रिन्यूएबल एनर्जी इंडस्ट्री के अगले साल के अनुमानित 18% ग्रोथ से थोड़ा कम है। ऑडिटर्स ने कंपनी की गोइंग कंसर्न (चलते रहने की क्षमता) पर एक मटीरियल अनिश्चितता जताई है, जिसका कारण नेयवेली माइंस में जमीन की उपलब्धता की कमी है। इससे भविष्य में माइनिंग और थर्मल पावर ऑपरेशन्स प्रभावित हो सकते हैं। कंपनी का डिविडेंड पेआउट रेश्यो 24.4% है, जो सेहतमंद है, लेकिन पिछले पांच सालों में सेल्स ग्रोथ औसतन 8.22% रही है, जो थोड़ी मामूली है। FY25 के लिए कंपनी का टोटल डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 1.20x था। यह रेश्यो अभी मैनेज किया जा सकता है, लेकिन कंपनी की महत्वाकांक्षी कैपिटल एक्सपेंडिचर योजनाओं को देखते हुए इस पर नज़र रखनी होगी। Adani Green Energy जैसे प्योर-प्ले रिन्यूएबल प्लेयर्स, जिनकी ग्रोथ की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं, वे 130x से भी ऊपर के P/E पर ट्रेड करते हैं, जो NLC India से एक अलग रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल दिखाता है।
विश्लेषकों का क्या कहना है?
एक्सपर्ट्स NLC India को लेकर उत्साहित हैं। ज्यादातर एनालिस्ट्स ने 'BUY' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹324-328 के बीच रखा है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से शेयर में ज्यादा उछाल की गुंजाइश कम दिख रही है, लेकिन कंपनी की स्ट्रेटेजी और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पर भरोसा कायम है। NLC India Renewables Ltd. (NIRL) का IPO कंपनी के विस्तार के लिए फंड जुटाने और पैरेंट कंपनी का वैल्यूएशन बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। रिन्यूएबल कैपेसिटी बढ़ाने की NLC India की प्रतिबद्धता, अपने पारंपरिक बिजनेस सेगमेंट में मजबूत परफॉर्मेंस के साथ मिलकर, कंपनी को भारत के एनर्जी ट्रांज़िशन के दौर में अच्छी स्थिति में रखती है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY26 में कंपनी का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹19.50 और अगले साल ₹16.95 रहेगा, जो भविष्य में भी प्रॉफिटेबिलिटी जारी रहने का संकेत है। अपनी रिन्यूएबल पोर्टफोलियो को बढ़ाने, साथ ही कुशल माइनिंग और थर्मल पावर ऑपरेशन्स के जरिए रेवेन्यू स्ट्रीम्स को डायवर्सिफाई करने की कंपनी की स्ट्रेटेजी, इसके लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण है।
