NLC India के शेयरों में आज **2%** से ज़्यादा की तेजी देखी गई। कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें नेट प्रॉफिट में **39%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
NLC India का शानदार फाइनेंशियल ईयर
NLC India के शेयर शुक्रवार को 2.18% बढ़कर ₹298.25 पर बंद हुए। कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें शानदार परफॉरमेंस देखने को मिली है। यह कंपनी माइनिंग और पावर जेनरेशन सेक्टर में काम करती है।
मुनाफा और रेवेन्यू में ज़बरदस्त बढ़ोतरी
NLC India ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹17,489.53 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹15,282.96 करोड़ की तुलना में 14.44% ज़्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट में 38.92% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹3,769.18 करोड़ रहा, जबकि फाइनेंशियल ईयर 2025 में यह ₹2,713.37 करोड़ था।
आखिरी तिमाही (Q4 FY26) में भी कंपनी का प्रदर्शन दमदार रहा। इस दौरान कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹5,042.46 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट पिछले क्वार्टर के ₹723.92 करोड़ से बढ़कर ₹1,481.39 करोड़ हो गया।
मुनाफे में इस बढ़ोतरी से कंपनी का रिटर्न ऑन नेट वर्थ 16.36% हो गया, जो पिछले पीरियड में 14.00% था। साथ ही, बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी बढ़कर ₹25.40 हो गया। इससे पता चलता है कि कंपनी के लिग्नाइट और कोयला माइनिंग, साथ ही पावर जेनरेशन जैसे मुख्य ऑपरेशन्स को मौजूदा डिमांड का फायदा मिला है।
कर्ज और विस्तार की योजनाएं
जहां एक ओर कंपनी की कमाई बढ़ी है, वहीं निवेशकों की नज़र कर्ज़ के स्तर पर भी रहती है। कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1.20 से थोड़ा बढ़कर 1.29 हो गया है। यह इस सेक्टर की कंपनियों के लिए आम है, जो कैपिटल-इंटेंसिव इंफ्रास्ट्रक्चर और विस्तार परियोजनाओं में निवेश करती हैं। शेयरहोल्डर्स के लिए यह देखना ज़रूरी होगा कि कंपनी इस कर्ज का प्रबंधन कैसे करती है।
कंपनी ने इस साल ₹3.60 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया था। फिलहाल, स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 10.57 है, जो पिछले साल के 12.50 से कम हुआ है।
आगे चलकर, निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी अपनी कैपिटल स्पेंडिंग प्रोग्राम्स के दौरान इन प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती है या नहीं। इसमें नई पावर कैपेसिटी का सफल कमिशनिंग, थर्मल प्लांट्स के लिए फ्यूल सप्लाई की स्थिरता और कर्ज़ की स्थिति जैसे मुद्दे शामिल होंगे।
