NLC India का ₹1.17 लाख करोड़ का 'महा-निवेश' प्लान! 2030 तक कंपनी में आएगा बड़ा बदलाव

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AuthorMehul Desai|Published at:
NLC India का ₹1.17 लाख करोड़ का 'महा-निवेश' प्लान! 2030 तक कंपनी में आएगा बड़ा बदलाव
Overview

NLC India अपने भविष्य को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2030 तक **₹1.17 लाख करोड़** का भारी-भरकम कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान पेश किया है। इस प्लान का मकसद माइनिंग (mining) और पावर जेनरेशन (power generation) कैपेसिटी को बढ़ाना है।

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NLC India का लक्ष्य है कि 2030 तक उसका रेवेन्यू (revenue) मौजूदा ₹15,283 करोड़ (FY25) से बढ़कर ₹37,713 करोड़ तक पहुंच जाए। यह विस्तार पारंपरिक एनर्जी ऑपरेशन्स को मजबूत करने के साथ-साथ क्रिटिकल मिनरल्स (critical minerals) और रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) में भी कंपनी की मौजूदगी बढ़ाएगा।

माइनिंग और पावर कैपेसिटी में बड़ा इजाफा

इस ₹1.17 लाख करोड़ के कैपेक्स प्लान के तहत, कंपनी अपनी कुल माइनिंग कैपेसिटी को लगभग दोगुना करके 104.4 मिलियन टन प्रति वर्ष (mtpa) तक ले जाने की योजना बना रही है। इसमें लिग्नाइट माइनिंग 30.1 mtpa से बढ़कर 41.4 mtpa और कोयला माइनिंग 20 mtpa से बढ़कर 62 mtpa हो जाएगी। इसके अलावा, 1 mtpa की कैपेसिटी क्रिटिकल मिनरल्स के लिए भी तैयार की जाएगी, जो राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है। पावर जेनरेशन के मोर्चे पर, थर्मल पावर कैपेसिटी को 10 GW तक बढ़ाया जाएगा, जो कि रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी के बराबर होगा। रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी को मौजूदा 1.6 GW से बढ़ाकर 10 GW तक ले जाने का लक्ष्य है।

शेयर बाजार में प्रदर्शन

शेयर बाजार में NLC India के स्टॉक ने हाल के दिनों में अच्छी चाल दिखाई है। मई 2026 की शुरुआत में, शेयर ₹313-₹320 के आसपास कारोबार कर रहा था। पिछले एक साल में स्टॉक में 40.39% का उछाल आया है, और पिछले महीने यह 18.02% बढ़ा है, जो इसके 52-सप्ताह की रेंज ₹212.85 से ₹328.70 के नए शिखर पर है।

स्ट्रेटेजिक प्लान और कंपटीशन

NLC India की यह विस्तार योजना उसे भारत के एनर्जी सेक्टर में एक मजबूत खिलाड़ी बनाती है। इस बीच, Coal India भी अपनी कोयला प्रोडक्शन बढ़ाने की तैयारी में है। क्रिटिकल मिनरल्स में NLC India का कदम राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) के साथ जुड़ा हुआ है, जिसका लक्ष्य महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को सुरक्षित करना है, खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EVs) और क्लीन एनर्जी के लिए। कंपनी 3 GW की रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी पर काम भी कर रही है।

वित्तीय जोखिमों पर एक नजर

हालांकि, कंपनी के वित्तीय पक्ष पर कुछ चिंताएं भी हैं। मार्च 2025 तक, कुल कर्ज लगभग $2.62 बिलियन USD था, जिससे डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (debt-to-equity ratio) 104.7% और नेट डेट टू इक्विटी (net debt to equity) 101.5% हो गया है। डेट-टू-EBITDA रेश्यो (debt-to-EBITDA ratio) 4.4 का आंकड़ा उच्च लीवरेज (leverage) को दर्शाता है।

एग्जीक्यूशन और प्रॉफिटेबिलिटी कंसर्न्स

₹1.17 लाख करोड़ का यह बड़ा कैपेक्स प्लान, जो आंतरिक कमाई, कर्ज और सब्सिडियरी IPOs से फंड होगा, इसमें एग्जीक्यूशन (execution) का बड़ा रिस्क है। कंपनी को 70:30 (थर्मल) और 80:20 (रिन्यूएबल) के लक्ष्य डेट-टू-इक्विटी रेश्यो को बनाए रखना होगा। हालांकि, कंपनी के पास अच्छी 'other income' (₹2,176 Cr) है, लेकिन रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) केवल 6.66% और पिछले 3-साल का औसत रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) केवल 5.13% मौजूदा असेट्स की प्रॉफिटेबिलिटी और भविष्य के निवेशों की एफिशिएंसी पर सवाल खड़े करता है। ₹13,859 करोड़ की कंटिंजेंट लायबिलिटीज (contingent liabilities) भी वित्तीय अनिश्चितता बढ़ाती हैं।

भविष्य का आउटलुक

NLC India को उम्मीद है कि 2030 तक उसका PAT (Profit After Tax) ₹5,294 करोड़ तक पहुंच जाएगा। मैनेजमेंट का अनुमान है कि EBITDA मार्जिन FY25 के 38.6% से बढ़कर FY30 तक 50.6% हो जाएगा। एनालिस्ट्स (Analysts) का नजरिया आम तौर पर पॉजिटिव है, लेकिन कुछ 'होल्ड' रेटिंग वाले भी हैं, जो संभावित जोखिमों पर विचार करने की सलाह देते हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.