NHPC के शेयरों में आज **2%** से ज़्यादा की तेज़ी देखी गई। यह उछाल कंपनी के दमदार फाइनेंशल रिजल्ट्स के बाद आया है, जहाँ FY26 में नेट प्रॉफिट **23%** बढ़कर **₹4,218 करोड़** हो गया।
NHPC के शेयरों में तूफानी तेजी!
एनएचपीसी (NHPC) लिमिटेड के शेयर आज 2.17% बढ़कर ₹80.44 पर कारोबार करते हुए देखे गए। यह तेजी कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों के बाद आई है, जिसने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। यह शेयर Nifty Midcap 150 इंडेक्स में भी चमकता हुआ नज़र आया।
रिकॉर्ड तोड़ रहा मुनाफा
फाइनेंशियल ईयर 2026 (जो मार्च 2026 में समाप्त हुआ) के लिए NHPC ने ₹11,615.29 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹10,379.86 करोड़ से 11.90% ज़्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट में 23.71% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹4,217.98 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹3,409.37 करोड़ था।
खासकर, फाइनेंशियल ईयर की आखिरी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा। इस तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 26.70% बढ़कर ₹2,815.53 करोड़ हुआ और नेट प्रॉफिट में भी बड़ी वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹1,548.61 करोड़ रहा।
कंपनी की वैल्यूएशन और कर्ज़
मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, NHPC का नेट प्रॉफिट मार्जिन 36.31% रहा और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 9.08% दर्ज किया गया। स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 19.66 और प्राइस-टू-बुक (P/B) रेश्यो 1.79 रहा।
कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 1.26 है, जो बताता है कि हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के लिए भारी शुरुआती निवेश की ज़रूरत को देखते हुए, कंपनी पर अभी भी काफी कर्ज़ है। यह बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में आम बात है। इस साल कंपनी का अर्निंग पर शेयर (EPS) ₹3.75 रहा और प्रति शेयर ₹1.61 का डिविडेंड भी घोषित किया गया है।
मैनेजमेंट में बदलाव
वित्तीय नतीजों के अलावा, NHPC में हाल ही में कुछ बड़े मैनेजमेंट बदलाव भी हुए हैं। 30 जुलाई 2026 को, श्री परेश रासिकल रणपरा को एडिशनल डायरेक्टर और डायरेक्टर (पर्सोनल) के तौर पर नियुक्त किया गया। इससे पहले 24 जुलाई 2026 को डॉ. बर्नाडेट लिग्डोह को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनाया गया था। फरवरी 2026 में, कंपनी ने ₹1.40 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी मंज़ूर किया था।
आगे क्या?
हालांकि हालिया वित्तीय नतीजे काफी सकारात्मक दिख रहे हैं, लेकिन निवेशक कंपनी की क्षमता पर नज़र रखेंगे कि वह हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स जैसे पूंजी-गहन (capital-intensive) बिज़नेस में इन प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है। आगे चलकर, प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन की गति, कंपनी के कैश फ्लो और डेट मैनेजमेंट पर नज़र रखी जाएगी। साथ ही, पावर सेक्टर की कंपनी होने के नाते, NHPC रेगुलेटरी टैरिफ फ्रेमवर्क और लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट्स के अधीन रहेगी, जो आने वाले वर्षों में स्थिर रेवेन्यू सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
