Q3 नतीजों में मार्जिन धराशायी, मुनाफे पर भारी चोट
NHPC Ltd ने अपनी तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों में निवेशकों को चौंका दिया है। कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) पिछले साल की समान अवधि के ₹1,014 करोड़ से 79.2% गिरकर ₹210 करोड़ पर आ गया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि EBITDA मार्जिन 44.4% के स्तर से गिरकर महज 9.5% पर पहुंच गया। नेट प्रॉफिट में भी 5.2% की गिरावट आई, जो ₹219 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 2.9% घटकर ₹2,220 करोड़ दर्ज किया गया।
विस्तार के लिए ₹8,000 करोड़ का लोन प्लान
इन वित्तीय दबावों के बावजूद, NHPC ने भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2027 तक ₹8,000 करोड़ तक का फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है। इस पूंजी का इस्तेमाल हाइड्रोपावर और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में विस्तार के लिए किया जाएगा। कंपनी कॉर्पोरेट बॉन्ड और टर्म लोन जैसे साधनों से यह फंड जुटाएगी।
शेयर में मामूली उछाल, पीयर कंपेरिजन
हालांकि नतीजों ने झटका दिया, लेकिन 25 मार्च 2026 को NHPC का शेयर 0.86% की मामूली बढ़त के साथ ₹77.20 पर बंद हुआ। यह दर्शाता है कि निवेशक कंपनी की भविष्य की ग्रोथ की संभावनाओं और मौजूदा वित्तीय चुनौतियों के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं। कंपनी का ट्रेलिंग ट्वेल्व-मंथ (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 23.76 से 38.58 के बीच है। इसकी तुलना में, Tata Power का TTM P/E लगभग 33.29 और JSW Energy का 37.52 है, जबकि Adani Green Energy का P/E 103.4 के आसपास बना हुआ है।
सेक्टर की मजबूती और सरकारी समर्थन
यह समझना महत्वपूर्ण है कि भारतीय पावर सेक्टर इस समय मजबूत ग्रोथ के दौर से गुजर रहा है। डेटा सेंटर्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और शहरीकरण से बढ़ती मांग इस क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है। 500 GW से अधिक की कुल इंस्टॉल्ड कैपेसिटी के साथ, इंफ्रास्ट्रक्चर में निरंतर निवेश की जरूरत बनी हुई है। सरकार का लक्ष्य 2036 तक नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी को 70% तक पहुंचाना भी NHPC जैसी रिन्यूएबल और हाइड्रोपावर कंपनियों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
मुख्य जोखिम: मुनाफावसूली और बढ़ता कर्ज
NHPC के सामने सबसे बड़ा जोखिम उसके ऑपरेशनल मार्जिन में आई तेज गिरावट है। यह कंपनी की लागत, परिचालन दक्षता या मूल्य निर्धारण में संभावित समस्याओं का संकेत दे सकता है, जो सीधे तौर पर मुनाफे को प्रभावित कर रहे हैं। ₹8,000 करोड़ के नए कर्ज की मंजूरी के साथ, कंपनी पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। निवेशकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि बढ़ा हुआ इंटरेस्ट खर्च कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर कितना दबाव डालता है।
विश्लेषकों का नजरिया
मौजूदा चिंताओं के बावजूद, विश्लेषक NHPC के भविष्य को लेकर आम तौर पर सकारात्मक बने हुए हैं। अगले 12 महीनों के लिए कंपनी का औसत प्राइस टारगेट ₹85.83 से ₹89.57 के बीच है, और अधिकांश 'Buy' या 'Hold' की रेटिंग दे रहे हैं। अनुमान है कि अगले कुछ वर्षों में कंपनी की कमाई और रेवेन्यू में सालाना लगभग 27.3% और 26% की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में FY25-26 के लिए 14% का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।