NHPC लिमिटेड हाइड्रो पावर सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। कंपनी ने जम्मू-कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JKSPDCL) के साथ दो हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स - 240 MW की Uri-I Stage-II और 260 MW की Dulhasti Stage-II - को विकसित करने के लिए एक समझौता किया है। इन प्रोजेक्ट्स से कुल 500 MW की अतिरिक्त क्षमता भारत के पावर ग्रिड में जुड़ेगी। ये प्रोजेक्ट 40 साल के बिल्ड-ओन-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOOT) मॉडल पर काम करेंगे, जो NHPC की स्थिति को और मजबूत करेगा। 27 मार्च, 2026 को, NHPC का शेयर ₹76.70 पर बंद हुआ, जो ₹71.62 से ₹92.34 की 52-सप्ताह की रेंज में है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹77,000 करोड़ है।
वित्तीय मोर्चे पर चिंताएं
हालांकि, कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजे कुछ चिंताएं बढ़ा रहे हैं। Q3 FY26 में, NHPC का EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) पिछले साल के ₹1,014 करोड़ से 79.2% गिरकर केवल ₹210 करोड़ रह गया। इसी अवधि में, EBITDA मार्जिन भी 44.4% से घटकर 9.5% पर आ गया। कंपनी के नेट प्रॉफिट में 5.2% की गिरावट आई और यह ₹219 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 2.9% घटकर ₹2,220 करोड़ दर्ज किया गया। इन नतीजों के बीच, NHPC के बोर्ड ने FY27 के लिए ₹8,000 करोड़ तक का कर्ज जुटाने की भी मंजूरी दे दी है, जिससे कंपनी पर वित्तीय लेवरेज (financial leverage) का बोझ बढ़ सकता है। नए प्रोजेक्ट्स के लिए लंबे समय के BOOT मॉडल का मतलब है बड़ा कैपिटल आउटले (capital outlay) और रिटर्न मिलने में देरी, जिससे भविष्य में Return on Equity (ROE) करीब 12.4% रहने का अनुमान है।
एनालिस्ट्स का नज़रिया और सेक्टर कंपेरिजन
NHPC का पिछले बारह महीनों का Price-to-Earnings (P/E) ratio लगभग 23.78 है। यह भारतीय पावर सेक्टर में अन्य कंपनियों जैसे NTPC Ltd (TTM P/E 15.3x से 21.08x) और Tata Power Company Ltd (TTM P/E 30.25x से 33.29x) के मुकाबले प्रतिस्पर्धी है। SJVN Ltd का P/E (26.6x से 44.03x) कुछ अधिक है, लेकिन एनालिस्ट्स इसकी ऊंची डेट-टू-इक्विटी रेश्यो और घटते मुनाफे को लेकर सतर्क हैं। भारतीय पावर सेक्टर में क्षमता विस्तार तेज़ी से हो रहा है, लेकिन ग्रिड कंस्ट्रेंट्स (grid constraints) एक बड़ी बाधा हैं।
कुल मिलाकर, एनालिस्ट्स NHPC के प्रति सकारात्मक बने हुए हैं और 'Buy' की रेटिंग दे रहे हैं। उनका अनुमान है कि अगले 12 महीनों में शेयर की कीमत 15% से ज़्यादा बढ़ सकती है। अगले कुछ वर्षों में कंपनी की सालाना कमाई और रेवेन्यू ग्रोथ दर क्रमशः 27.3% और 26% रहने की उम्मीद है। हालांकि, हालिया रिपोर्ट्स में कंपनी की "थोड़ी तनावपूर्ण बैलेंस शीट" (somewhat strained balance sheet) और "अस्थिर कमाई" (volatile earnings) का भी ज़िक्र किया गया है, जो बढ़ते कर्ज और घटते मार्जिन जैसी चुनौतियों की ओर इशारा करता है।