ONGC Share Price: अच्छी खबर! ब्रोकरेज ने ONGC को किया अपग्रेड, जानिए वजह

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AuthorMehul Desai|Published at:
ONGC Share Price: अच्छी खबर! ब्रोकरेज ने ONGC को किया अपग्रेड, जानिए वजह

Motilal Oswal ने Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) पर अपना नजरिया पॉजिटिव कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का प्रोडक्शन आउटलुक सुधर रहा है और वैल्यूएशन भी काफी वाजिब है। आने वाले समय में तेल की ऊंची कीमतें ONGC की कमाई को सपोर्ट कर सकती हैं।

ONGC में क्यों आई तेजी?

Motilal Oswal Financial Services ने Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) पर 'पॉजिटिव' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि ONGC के शेयर फिलहाल अपनी ऐतिहासिक औसत वैल्यूएशन से नीचे ट्रेड कर रहे हैं, जो एनर्जी सेक्टर में लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए एक अच्छा मौका हो सकता है। इसके साथ ही, कंपनी के प्रोडक्शन वॉल्यूम में सुधार की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।

प्रोडक्शन आउटलुक और खास प्रोजेक्ट्स

FY26 से FY28 के बीच कंपनी के कुल प्रोडक्शन वॉल्यूम में लगभग 2.6% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से ग्रोथ का अनुमान है। यह ग्रोथ तेल और नेचुरल गैस, दोनों के प्रोडक्शन से आएगी। कंपनी के दमन अपसाइड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (Daman Upside Development Project) से प्रोडक्शन शुरू हो चुका है और KG-98/2 ऑफशोर फील्ड का विस्तार भी जारी है। इन प्रोजेक्ट्स के पूरी क्षमता से चलने पर कंपनी का घरेलू एनर्जी प्रोडक्शन बढ़ाने का लक्ष्य पूरा हो सकता है।

मार्केट फैक्टर्स और रेगुलेटरी असर

ब्रोकरेज ने ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent crude oil) की कीमतों के अनुमान को भी बढ़ाया है। FY27 के लिए $84.2 प्रति बैरल और FY28 के लिए $75 प्रति बैरल का अनुमान है। यह अनुमान इस उम्मीद पर आधारित है कि ग्लोबल ऑयल इन्वेंट्री को सामान्य होने में समय लगेगा, जिससे कीमतें मुनाफे को सपोर्ट करती रहेंगी। इसके अलावा, कंपनी का डिविडेंड यील्ड (dividend yield) भी निवेशकों के लिए अहम है, FY27 के लिए 40% के आसपास पेआउट रेशियो की उम्मीद है। सरकार की नई-वेल गैस पॉलिसी (new-well gas policy) में बदलाव से कंपनी को अपने नेचुरल गैस प्रोडक्शन पर बेहतर कीमत मिलने की भी उम्मीद है।

रिस्क और ध्यान देने वाली बातें

हालांकि, ONGC के सामने कुछ बिजनेस रिस्क भी हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए। कंपनी की कमाई इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतों पर काफी निर्भर करती है; अगर कीमतों में लगातार गिरावट आई तो मुनाफे पर असर पड़ेगा। KG-98/2 जैसे कॉम्प्लेक्स ऑफशोर प्रोजेक्ट्स में देरी या लागत बढ़ने का खतरा भी है। निवेशकों को सरकारी रेगुलेशंस में बदलाव, खासकर विंडफॉल टैक्स (windfall tax) या गैस प्राइसिंग मैकेनिज्म (gas pricing mechanism) में किसी भी एडजस्टमेंट पर भी नजर रखनी चाहिए। कुल मिलाकर, कंपनी का प्रदर्शन प्रोडक्शन की गति और ग्लोबल एनर्जी मार्केट की स्थिरता पर निर्भर करेगा।

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