Oil Stocks: सरकारी तेल कंपनियों पर Moody's की चेतावनी, थम सकते हैं मुनाफे के पहिए

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Oil Stocks: सरकारी तेल कंपनियों पर Moody's की चेतावनी, थम सकते हैं मुनाफे के पहिए

Moody's Ratings ने चेतावनी दी है कि Brent crude की कीमतें **$100** के पार रहने के कारण सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम फ्रीज रखना मुश्किल हो गया है। गिरता रुपया और बढ़ती लागत कंपनियों के कर्ज को बढ़ा रही है।

मुनाफे पर गहरा संकट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent crude की कीमतें $100 प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जबकि भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले ₹96 के करीब कमजोर हो गया है। Moody's के अनुसार, मौजूदा स्थिति में सरकारी तेल कंपनियों के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखना अब वित्तीय रूप से अस्थिर होता जा रहा है। ये कंपनियां अब वैश्विक उतार-चढ़ाव की मार और अधिक नहीं सह सकतीं, जिसका सीधा असर इनके बैलेंस शीट पर पड़ रहा है।

प्रतिदिन हो रहा करोड़ों का नुकसान

Indian Oil Corporation (IOCL), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL) जैसी दिग्गज कंपनियों की हालत काफी नाजुक है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कंपनियों को मार्केटिंग में हर दिन लगभग ₹530 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा है। रिफाइनिंग मार्जिन से इस भारी-भरकम घाटे की भरपाई करना अब नामुमकिन सा हो गया है।

निजी क्षेत्र की तेल कंपनियां तो बाजार के हिसाब से कीमतें बढ़ा रही हैं, लेकिन सरकारी कंपनियां सरकार के दबाव में कीमतें नहीं बढ़ा पा रही हैं।

निवेशकों के लिए जोखिम

कंपनियों की वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए अब कर्ज का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे ब्याज का बोझ बढ़ेगा और मार्जिन पर और दबाव आएगा। Moody's का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें $100 से $120 के दायरे में बनी रहीं, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार इन कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए कोई राहत पैकेज लाती है या फिर रिटेल कीमतों में बढ़ोतरी की इजाजत देती है। इसके अलावा, लंबे समय तक ऊंची कीमतों के कारण बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की ओर मांग शिफ्ट होने का भी खतरा बढ़ गया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.