अगस्त 2026 में हुए Mecca Joint Defence Agreement की आज रियाद में पहली बड़ी मीटिंग है। Saudi Arabia की ऊर्जा संपत्तियों पर बढ़ रहे हूती हमलों के बीच निवेशकों की नजर इस गठबंधन के फैसलों पर टिकी है।
सुरक्षा का बड़ा इम्तिहान
रियाद में 5 अक्टूबर 2026 को Mecca Joint Defence Agreement की 'स्ट्रैटेजिक पॉलिटिकल एंड डिफेंस कमेटी' की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में Saudi Arabia, Turkey और Pakistan के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह गठबंधन 7 अगस्त 2026 को ही अस्तित्व में आया था और अब यह अपने पहले बड़े सुरक्षा टेस्ट का सामना कर रहा है।
क्यों है निवेशकों की चिंता?
गठबंधन के नियमों के अनुसार, एक सदस्य देश पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा। फिलहाल, Saudi Aramco की एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हूतियों द्वारा लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले किए जा रहे हैं। वैश्विक बाजारों के लिए सबसे बड़ा रिस्क Bab el-Mandeb Strait (बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य) की अस्थिरता है, जो एशिया और यूरोप के बीच तेल और सामान की सप्लाई का सबसे अहम समुद्री रास्ता है।
क्या हो सकता है फैसला?
इस समिट में सदस्य देश हूतियों के साथ कूटनीतिक बातचीत या सीधे सैन्य कार्रवाई, दोनों विकल्पों पर चर्चा करेंगे। अगर गठबंधन सख्त सैन्य रुख अपनाता है, तो इलाके में तनाव बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर क्रूड ऑयल की कीमतों और सप्लाई चेन की लागत पर पड़ेगा। बाजार के जानकारों की निगाहें कमेटी के उन आधिकारिक बयानों पर हैं, जिनसे यह साफ होगा कि गठबंधन अपनी ऊर्जा संपत्तियों और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेगा।
