📉 मुनाफे पर दबाव, क्या हैं वजहें?
Mahanagar Gas Limited (MGL) ने दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं। कंपनी का टॉप-लाइन बढ़ा है, लेकिन बॉटम-लाइन पर दबाव साफ दिख रहा है।
नौ महीनों का प्रदर्शन:
जहां Q3 में मुनाफा गिरा, वहीं 9 महीने की बात करें तो स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 16.8% की अच्छी बढ़त के साथ यह ₹6,801.70 करोड़ तक पहुंच गया। हालांकि, इस दौरान नेट प्रॉफिट (PAT) 10.5% घटकर ₹714.90 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹798.96 करोड़ था।
EPS पर असर:
इसी के चलते, प्रति शेयर आय (EPS) पर भी असर पड़ा। Q3 FY26 के लिए EPS ₹20.45 रहा, जो पिछले साल के ₹22.58 से कम है। नौ महीनों के लिए EPS ₹72.37 रहा, जो पिछले साल के ₹80.88 से घटा है।
कंसोलिडेटेड नतीजे:
कंसोलिडेटेड (Consolidated) आधार पर भी नतीजे लगभग ऐसे ही रहे। Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड PAT 9.5% गिरकर ₹201.10 करोड़ हुआ, और नौ महीनों के लिए यह 10.5% की गिरावट के साथ ₹710.93 करोड़ दर्ज किया गया।
मार्जिन्स और लागत:
EBITDA की बात करें तो नौ महीनों के लिए इसमें 1.33% की मामूली बढ़ोतरी होकर यह ₹1,190.73 करोड़ हुआ। लेकिन, EBITDA मार्जिन (Margin) में बड़ी गिरावट आई, जो पिछले साल के 22.18% से घटकर इस साल 19.24% रह गया। Q3 FY26 के लिए EBITDA मार्जिन 17.10% रहा।
नए लेबर कोड लागू होने के कारण ₹9.94 करोड़ की ग्रेच्युटी लायबिलिटी (Gratuity Liability) में बढ़ोतरी ने एम्प्लॉई बेनिफिट एक्सपेंस (Employee Benefit Expenses) को बढ़ाया, जिसने भी नतीजों को प्रभावित किया।
मुख्य डेवलपमेंट:
- डिविडेंड (Dividend): कंपनी के बोर्ड ने FY25-26 के लिए ₹12 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) घोषित किया है। रिकॉर्ड डेट 13 फरवरी, 2026 तय की गई है।
- निवेश: MGL ने 3EV Industries Private Limited में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है और International Battery Company India Private Limited में 44% का स्टेक खरीदा है, जो नए क्षेत्रों में कंपनी के विस्तार की ओर इशारा करता है।
- अमाल्गामेशन (Amalgamation): Unison Enviro Private Limited का MGL में मर्जर (Merger) 1 फरवरी, 2024 से प्रभावी हो गया है, और पिछले सालों के आंकड़ों को इसके अनुसार बदला गया है।
कानूनी मामले:
कंपनी फिलहाल दो बड़े कानूनी मामलों में उलझी है। एक GAIL टैरिफ विवाद है, जहां रिकवरी पर रोक लगी है। दूसरा GST लायबिलिटी (GST Liability) से जुड़ा विवाद है, जिसके लिए कंपनी अपील कर रही है। MGL को उम्मीद है कि इन मामलों से कोई बड़ा वित्तीय नुकसान नहीं होगा।
जोखिम और आगे का आउटलुक:
सबसे बड़ी चिंता मुनाफे पर दबाव है, जहां रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद PAT और EPS घट रहे हैं। नौ महीनों के लिए EBITDA मार्जिन का सिकुड़ना भी ध्यान देने योग्य है। मैनेजमेंट की ओर से भविष्य के लिए कोई गाइडेंस (Guidance) न मिलना निवेशकों के लिए अनिश्चितता का माहौल पैदा करता है। कंपनी की अगली तिमाहियों में परफॉरमेंस, लागत प्रबंधन और बाजार की चाल को समझने की क्षमता पर सबकी नजरें रहेंगी।