Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited (MSEDCL) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर बिजली चोरी के करीब **28,000** मामले पकड़े हैं। इस मुहिम के जरिए कंपनी ने अब तक **₹29.85 करोड़** की बकाया राशि वसूल की है।
हाई-टेक निगरानी से नकेल
MSEDCL अब पारंपरिक चेकिंग के बजाय डेटा-ड्रिवन अप्रोच का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी 50 से ज्यादा टेक्निकल पैरामीटर्स जैसे अचानक पावर स्पाइक्स, खपत के पुराने पैटर्न और असामान्य मीटर एक्टिविटी को मॉनिटर कर रही है।
जून से अगस्त के बीच का डेटा
जून से अगस्त 2026 के बीच AI सिस्टम ने 27,964 चोरी के केस पकड़े। MSEDCL ने कुल ₹66.28 करोड़ के असेसमेंट बिल जारी किए हैं, जिसमें से 10,810 मामलों में ₹29.85 करोड़ की वसूली हो चुकी है। सबसे ज्यादा चोरी के मामले कोंकण रीजन से सामने आए हैं, जिसके बाद नागपुर, पुणे और छत्रपति संभाजीनगर का नंबर है।
TTMS ऐप और कानूनी कार्रवाई
कंपनी 'Theft Tracking and Monitoring System' (TTMS) नामक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रही है, जिससे फील्ड अफसर रियल-टाइम में डिजिटल सबूत अपलोड कर सकते हैं। अब तक बिजली अधिनियम की धारा 135 के तहत 289 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें 3 साल तक की जेल का प्रावधान है।
अगला लक्ष्य
वित्तीय सेहत सुधारने के लिए MSEDCL का बड़ा लक्ष्य अगले 3 साल में डिस्ट्रीब्यूशन लॉस को 10% से नीचे लाना है। यह तकनीक-आधारित कदम कंपनी की बैलेंस शीट के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।
