Mangalore Refinery and Petrochemicals Limited (MRPL) के प्लांट में लगी आग के बाद एक और कर्मचारी की मौत की दुखद खबर है। कंपनी ने कुल **₹118.76 करोड़** का नुकसान दर्ज किया है, हालांकि राहत की बात यह है कि संपत्ति का बीमा (Insurance) कवर मौजूद है।
दुखद घटना और मौजूदा स्थिति
मंगलुरु रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) में 30 सितंबर को लगी भीषण आग के मामले में एक और दुखद जानकारी सामने आई है। 17 अक्टूबर को इलाज के दौरान एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी की मौत हो गई, जिससे इस घटना में मृतकों की कुल संख्या अब दो हो गई है। यह हादसा कंपनी के रिफाइनरी प्लांट के अंदर 'कोकर हाइड्रोट्रिएटर यूनिट' (Coker Hydrotreater Unit) में हुआ था।
वित्तीय नुकसान का गणित
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में स्पष्ट किया है कि उसे ₹118.76 करोड़ का प्रोविजनल फाइनेंशियल लॉस हुआ है। इसमें नष्ट हुई संपत्ति, प्लांट, इक्विपमेंट और इन्वेंट्री की वैल्यू शामिल है। हालांकि, डैमेज हुई इंफ्रास्ट्रक्चर की रिप्लेसमेंट लागत ₹225 करोड़ के आसपास आंकी गई है, लेकिन कंपनी ने आश्वस्त किया है कि ये एसेट्स इंश्योरेंस पॉलिसी के दायरे में हैं, जो वित्तीय झटके को कम करने का काम करेगा।
ऑपरेशनल चुनौतियां और भविष्य
शुरुआती जांच में पता चला है कि आग एक 'कोल्ड सेपरेटर' में हाई-प्रेशर रप्चर (High-pressure rupture) के कारण लगी थी। हालांकि कर्मचारियों ने तुरंत आग पर काबू पा लिया था, लेकिन फेज-III यूनिट को हुए नुकसान ने प्लांट की ऑपरेशनल कैपेसिटी को प्रभावित किया है।
निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण मॉनिटरेबल यह है कि कंपनी कब तक इस यूनिट को पूरी तरह से दोबारा चालू कर पाती है। रिफाइनरी के मार्जिन और आउटपुट के लिहाज से इस यूनिट का सुचारू रूप से चलना बहुत जरूरी है। फिलहाल, नियामक जांच जारी है और मार्केट की नजरें मरम्मत की गति और काम फिर से शुरू होने की तारीख पर टिकी हैं।
