Q4 में कंपनी को निर्यात (export) से होने वाली कमाई में भारी गिरावट का सामना करना पड़ा। कंपनी का एक्सपोर्ट रेवेन्यू पिछले साल के ₹11,378 करोड़ से गिरकर ₹7,252 करोड़ पर आ गया। इस दौरान रिफाइनरी थ्रूपुट (refinery throughput) में भी कमी आई।
हालांकि, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए MRPL का नेट प्रॉफिट ₹1,931 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले तीन गुना से भी ज्यादा है। यह शानदार उछाल कंपनी के ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) के लगभग दोगुना होकर $9.22 प्रति बैरल हो जाने के कारण संभव हुआ।
निर्यात में यह गिरावट 36% रही, जिसने कंपनी के तिमाही प्रदर्शन को प्रभावित किया। इस बीच, 23 अप्रैल 2026 तक MRPL का स्टॉक लगभग ₹187.01 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन और गिरते एक्सपोर्ट सेल्स के बीच का अंतर चिंता का विषय है, खासकर जब कच्चे तेल की कीमतें वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के कारण काफी ऊपर चल रही हैं। WTI क्रूड ऑयल लगभग $96 और Brent क्रूड ऑयल $106 प्रति बैरल पर था।
वैश्विक तेल रिफाइनिंग मार्केट में अभी काफी अस्थिरता है। MRPL का बेहतर GRM एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन गिरता एक्सपोर्ट रेवेन्यू बड़े बाजार बदलावों की ओर इशारा करता है। भू-राजनीतिक घटनाओं, खासकर पश्चिम एशिया (West Asia) और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास संभावित व्यवधानों के कारण तेल व्यापार मार्गों के लिए जोखिम बढ़ गया है, जिससे कीमतें और बढ़ सकती हैं। ऐसे में MRPL का निर्यात बाजारों पर निर्भरता एक बड़ी चुनौती है।
कंपनी का P/E रेशियो 14-15 के आसपास है, जो Indian Oil Corporation (IOC) और Bharat Petroleum (BPCL) जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अधिक है। यह बताता है कि स्टॉक की कीमत शायद मजबूत GRM को दर्शाती है, लेकिन निर्यात जोखिमों का पूरी तरह से हिसाब नहीं लगाती।
कुछ विश्लेषकों (analysts) ने MRPL के लिए 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है, लेकिन कुछ वॉल स्ट्रीट के अनुमानों के मुताबिक अगले 12 महीनों में स्टॉक की कीमत ₹144.5 के औसत टारगेट तक गिर सकती है। यह अनिश्चितता का माहौल दर्शाता है। कंपनी का भविष्य वैश्विक तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाओं से काफी जुड़ा हुआ है। पश्चिम एशिया की सप्लाई लाइनों को प्रभावित करने वाली कोई भी बाधा निर्यात वॉल्यूम और राजस्व को कम कर सकती है।
हालांकि, एक विश्लेषक FY26 के लिए 6780.2% की असाधारण रूप से उच्च पूर्ण-वर्षीय लाभ वृद्धि का अनुमान लगा रहा है, जो MRPL की क्षमता को दर्शाता है, बशर्ते कि वह वैश्विक दबावों के बावजूद वर्तमान GRM और परिचालन प्रदर्शन को बनाए रख सके।
कंपनी के ₹3,260 करोड़ के आउटस्टैंडिंग नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (Non-Convertible Debentures) और लगभग 0% के वर्तमान डिविडेंड यील्ड (dividend yield) से पता चलता है कि कंपनी का ध्यान री-इन्वेस्टमेंट पर है।
