मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 111% बढ़कर ₹382 अरब पर पहुंच गया, और यह घाटे से निकलकर ₹4,739 मिलियन के मुनाफे में आ गई है।
शानदार नतीजों की वजह
MRPL के मैनेजमेंट के अनुसार, इस बेहतरीन प्रदर्शन की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों का मजबूत रुख और डीजल जैसे उत्पादों की मजबूत मांग (demand) रही। कंपनी ने पिछली साल इसी अवधि में ₹2,707 मिलियन का घाटा दर्ज किया था, जबकि इस बार ₹4,739 मिलियन का मुनाफा कमाया है। कंपनी ने इस तिमाही में 4.43 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कच्चे तेल का प्रोसेसिंग (processing) किया है। चीन से सप्लाई में कमी और यूरोप से रिफाइनिंग क्षमता का हटना भी रिफाइंड उत्पादों के दाम को सपोर्ट कर रहा है।
मार्जिन पर दबाव और विस्तार की योजना
हालांकि, कंपनी के EBITDA मार्जिन पर थोड़ा दबाव देखा गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 166 बेसिस पॉइंट घटकर 3.4% पर आ गया है, जिसका मुख्य कारण इन्वेंटरी (inventory) से जुड़ी लागतें बताई जा रही हैं।
MRPL अपनी ग्रोथ को बढ़ाने के लिए पारंपरिक रिफाइनिंग के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी कदम रख रही है। कंपनी को बेंगलुरु में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पाइपलाइन नेटवर्क के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) से मंजूरी मिल गई है।
इसके अलावा, कंपनी ग्रीन एनर्जी (green energy) की ओर भी बढ़ रही है। हाल ही में कंपनी को ISCC CORSIA सर्टिफिकेशन मिला है, जिससे यह इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल (used cooking oil) से सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) बना सकेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों के लिए कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मार्जिन पर पड़ने वाला दबाव मुख्य जोखिम हो सकते हैं। यह देखना अहम होगा कि नया ATF पाइपलाइन कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन (distribution) खर्चों को कैसे प्रभावित करता है और आने वाली तिमाहियों में कंपनी अपने EBITDA मार्जिन को बेहतर कर पाती है या नहीं।
