मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंप डीलर्स ने **16 अक्टूबर** से **₹2,000** से ज्यादा के UPI ट्रांजेक्शन स्वीकार न करने का फैसला किया है। डीलर्स का कहना है कि **0.4%** का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) उनके मुनाफे पर भारी पड़ रहा है।
मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंप मालिकों ने डिजिटल पेमेंट के बोझ को कम करने के लिए एक सख्त रुख अपना लिया है। डीलर्स का तर्क है कि मौजूदा 0.4% का MDR चार्ज उनके बेहद कम मार्जिन (जो कि अक्सर 0.5% से 1% के बीच होता है) के लिए नुकसानदेह है। इस शुल्क की वजह से प्रति बिक्री होने वाला बड़ा हिस्सा बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के पास चला जाता है।
डीलर्स की मुख्य मांग
डीलर एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि UPI ट्रांजेक्शन पर MDR से छूट दी जाए। उनका तर्क है कि पेट्रोल पंपों पर क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान पर पहले से ही MDR शुल्क नहीं लिया जाता है, उसी तर्ज पर UPI को भी 'जीरो-चार्ज' श्रेणी में रखा जाना चाहिए।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
अगर आप मध्य प्रदेश में हैं और ₹2,000 से ज्यादा का ईंधन भरवाते हैं, तो आप UPI का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। राहत की बात यह है कि फिजिकल क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान पर कोई पाबंदी नहीं है। आप इन कार्ड्स या नकद (Cash) के जरिए पहले की तरह भुगतान जारी रख सकते हैं।
फिलहाल यह विवाद डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम और रिटेल मार्जिन के बीच के तनाव को दर्शाता है। अगर सरकार या रेगुलेटर्स की तरफ से MDR पॉलिसी में कोई स्पष्टता नहीं आती है, तो मुमकिन है कि अन्य राज्यों के डीलर भी इसी तरह के कदम उठा सकते हैं। निवेशकों और बाजार के जानकारों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या यह मुद्दा केवल एक राज्य तक सीमित रहता है या पूरे देश में नीतिगत बहस का विषय बन जाता है।
