Mahanagar Gas Ltd. (MGL) के लिए दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹202 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹221.24 करोड़ की तुलना में 9.08% कम है। हालांकि, पिछली तिमाही (Sequential) के मुकाबले यह 4.6% बढ़ा है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू ₹2,048 करोड़ पर लगभग सपाट रहा। वॉल्यूम की बात करें तो CNG की बिक्री में 7.2% और PNG की बिक्री में 7.5% की वृद्धि दर्ज की गई। ऑपरेटिंग मार्जिन में पिछली तिमाही के 16.4% से सुधार होकर 17% हो गया, लेकिन यह पिछले साल की तीसरी तिमाही के 17.58% से अभी भी नीचे है। इन नतीजों के शुरुआती संकेतों के बाद 6 फरवरी 2026 को MGL के शेयर में 7.57% की जोरदार तेजी देखने को मिली थी और यह ₹1,152.60 तक पहुंच गया था। 9 फरवरी 2026 तक यह ₹1,174.90 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो कंपनी की फंडामेंटल स्ट्रेंथ को लेकर चल रही बहस को दर्शाता है।
MGL का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग ₹11,385 करोड़ है और इसका पिछले 12 महीनों का P/E रेश्यो करीब 11.77 है। वहीं, इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 17.7% और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 22.9% है। इसकी तुलना में, मुख्य प्रतिस्पर्धी Indraprastha Gas Ltd. (IGL) का P/E रेश्यो 14.3-19.54 के बीच है और मार्केट कैप ₹24,637 करोड़ है। Gujarat Gas Ltd. (GGL) का P/E रेश्यो 25.20 है और मार्केट कैप ₹29,287 करोड़ है। भारत का नेचुरल गैस मार्केट बड़ा होने वाला है, 2030 तक मांग 60% बढ़कर 103 बिलियन क्यूबिक मीटर सालाना होने का अनुमान है। MGL, मुंबई में एक प्रमुख वितरक होने के नाते, इस बड़े ट्रेंड से फायदा उठा सकती है। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले MGL के शेयर में 11-16.87% की गिरावट आई थी।
विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। ग्लोबल ब्रोकरेज CLSA ने शेयर पर 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग देते हुए ₹1,560 का टारगेट प्राइस दिया है। वहीं, JPMorgan ने 'न्यूट्रल' रेटिंग के साथ ₹1,270 का लक्ष्य रखा है। कुल मिलाकर, एनालिस्ट्स का कंसेंसस टारगेट लगभग ₹1,433 है, जो मौजूदा भाव से 24-31% की तेजी का संकेत देता है।
रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन में सुधार के बावजूद, कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। PAT में साल-दर-साल 9.08% की गिरावट मार्जिन पर लगातार दबाव को दिखाती है। JPMorgan ने लंबी अवधि की ग्रोथ को लेकर चिंताएं जताई हैं। 6 फरवरी 2026 को एक रिपोर्ट में MGL को 'Sell' रेटिंग दी गई, जिसका कारण मिले-जुले फाइनेंशियल और टेक्निकल सिग्नल बताए गए। कंपनी को कुछ ऑपरेशनल चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है, जैसे घटती नकदी (cash) और धीमी देनदार वसूली (debtor collection cycles), जो लिक्विडिटी और वर्किंग कैपिटल को प्रभावित कर सकती हैं। गैस पाइपलाइन टैरिफ और GST से जुड़े कानूनी और रेगुलेटरी मामले भी कंपनी के लिए जटिलताएं बढ़ा रहे हैं। नवंबर 2025 में मुंबई में आई एक बड़ी पाइपलाइन गड़बड़ी ने शहर की 50% गैस सप्लाई को प्रभावित किया था, जो बिजनेस से जुड़े ऑपरेशनल रिस्क को उजागर करता है। इसके अलावा, 2016 से ही MGL कर्मचारियों के तौर पर धोखाधड़ी करने वाले लोगों के खिलाफ भी शिकायतें आ रही हैं।
इन सबके बीच, कंपनी ने शेयरधारकों के लिए ₹12 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 13 फरवरी 2026 तय की गई है। MGL अपनी भविष्य की ग्रोथ के लिए 3EV Industries में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही है और International Battery Company India में भी शेयर खरीद रही है। हालांकि, हालिया रिपोर्ट्स में कंपनी की ओर से भविष्य के लिए कोई स्पष्ट गाइडेंस (guidance) न देना, मार्जिन सस्टेनेबिलिटी और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ से जुड़ी चिंताओं के साथ मिलकर निवेशकों के लिए अनिश्चितता का माहौल बना रहा है, भले ही सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव हो।