Lohum Cleantech को ₹230 करोड़ की बड़ी फंडिंग मिली है। यह पैसा Poonawalla Vision Fund-1 और कई फैमिली ऑफिस से आया है, जिसका इस्तेमाल कंपनी अपने बैटरी रिसाइक्लिंग और क्रिटिकल मिनरल ऑपरेशंस को बढ़ाने में करेगी। इस फंड से इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंडस्ट्री के लिए बैटरी मटेरियल का प्रोडक्शन बढ़ाया जाएगा।
Detailed Coverage
बैटरी मटेरियल पर फोकस
2018 में स्थापित Lohum, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सप्लाई चेन के लिए एक महत्वपूर्ण सेक्टर में काम कर रही है। कंपनी पुरानी बैटरियों से क्रिटिकल मिनरल्स निकालती है और उन्हें नए बैटरी प्रोडक्शन के लिए तैयार मटेरियल में बदलती है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती ग्लोबल डिमांड को देखते हुए, लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसे मिनरल्स की लोकल सप्लाई का एक स्थिर स्रोत बनाना एक बड़ी प्राथमिकता बन गया है। Lohum भारत में इन क्षमताओं को विकसित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, ताकि विदेशी सप्लाई चेन, खासकर चीन पर निर्भरता कम हो सके।
कंपनी सिर्फ बेसिक बैटरी रिसाइक्लिंग तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने NMC (निकेल मैंगनीज कोबाल्ट) कैथोड एक्टिव मटेरियल के प्रोडक्शन और प्लेटिनम ग्रुप मेटल्स व रेयर अर्थ मैग्नेट की रिकवरी जैसे एडवांस्ड एरिया में उतरने की भी योजना बनाई है। ये मटेरियल हाई-परफॉरमेंस बैटरियों और अन्य एनर्जी-एफिशिएंट टेक्नोलॉजी के निर्माण के लिए बेहद जरूरी हैं।
इन्वेस्टर और फंड की रणनीति
Poonawalla Vision Fund-1 (PVF1), जिसे Ambit Global Private Client मैनेज करता है, एक वैकल्पिक निवेश फंड है जिसका कुल कॉर्पस ₹1,050 करोड़ है। इस फंड ने अब तक 12 कंपनियों में निवेश किया है। यह फंड क्लीनर एनर्जी की ओर ट्रांजिशन जैसे स्ट्रक्चरल ग्रोथ ट्रेंड्स पर फोकस करने वाली कंपनियों में पैसा लगा रहा है, ताकि भविष्य के उद्योगों के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने वाले बिजनेसेज को सपोर्ट किया जा सके। इस सेक्टर पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए, ऐसी प्राइवेट कंपनियों का प्रदर्शन भारत की ग्रीन एनर्जी सप्लाई चेन में ओवरऑल हेल्थ और इन्वेस्टमेंट इंटरेस्ट का संकेत देता है।
भविष्य की ग्रोथ पर नजर
हालांकि यह नया इन्वेस्टमेंट कैपेसिटी बढ़ाने के लिए जरूरी पूंजी प्रदान करता है, लेकिन इन प्रोजेक्ट्स की लॉन्ग-टर्म सफलता कई फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। निवेशक और मार्केट एनालिस्ट कंपनी की नई मटेरियल प्रोडक्शन लाइन्स को सफलतापूर्वक बढ़ाने की क्षमता, बड़ी मात्रा में वेस्ट बैटरी सोर्सिंग की जटिलताओं को मैनेज करना, और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखने पर नजर रखेंगे। जैसे-जैसे कंपनी रेयर अर्थ मैग्नेट जैसे अधिक टेक्निकल एरिया में कदम रख रही है, इन प्रोजेक्ट्स को समय पर और बजट के अंदर पूरा करने की उसकी क्षमता कॉम्पिटिटिव एनर्जी ट्रांजिशन मार्केट में उसकी लॉन्ग-टर्म व्यवहार्यता का एक की इंडिकेटर होगी।
