Nepal Landslide: बुढ़ी गंडकी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर कुदरत की मार, 4 बड़े प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nepal Landslide: बुढ़ी गंडकी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर कुदरत की मार, 4 बड़े प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान

नेपाल के गोरखा जिले में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है। इस आपदा में 341 मेगावाट की बुढ़ी गंडकी परियोजना सहित कुल 4 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हालांकि ये प्रोजेक्ट्स भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं हैं, लेकिन यह घटना हिमालयी क्षेत्र में ऊर्जा बुनियादी ढांचे के लिए बड़े जोखिमों को उजागर करती है।

रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को नेपाल के गोरखा जिले में बुढ़ी गंडकी नदी के किनारे हुआ भूस्खलन स्थानीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। इस भूस्खलन के कारण आई अचानक बाढ़ ने 4 अलग-अलग हाइड्रोपावर साइट्स को बुरी तरह प्रभावित किया है। इनमें 341 MW का बुढ़ी गंडकी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, 24.5 MW का दोभान खोला, 30.91 MW का यारू खोला और 16 MW का माछा खोला प्रोजेक्ट शामिल है।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, भूस्खलन से नदी का बहाव रुक गया था, जिससे मलबे और पानी का एक विशाल सैलाब निकला और इसने निचले इलाकों में बनी परियोजनाओं को चपेट में ले लिया। हादसे में कैंप साइट्स तबाह हो गई हैं, निर्माण उपकरण बह गए हैं और सड़कों के साथ-साथ पुलों को भी भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में 35 से अधिक घरों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। फिलहाल बचाव कार्य जारी है और अधिकारी इलाके में दूसरे खतरे की संभावनाओं पर नजर बनाए हुए हैं।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

यह घटना हिमालयी क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट के जोखिमों को स्पष्ट करती है। टाइम्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही 341 MW की बुढ़ी गंडकी परियोजना जैसी ये इकाइयां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड नहीं हैं, इसलिए भारतीय बाजार पर इसका कोई सीधा असर नहीं है।

हालांकि, पहाड़ी इलाकों में बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट्स में भूवैज्ञानिक अस्थिरता और चरम मौसम की मार एक बड़ा 'एग्जीक्यूशन रिस्क' है। ऐसी आपदाएं अक्सर काम में लंबी देरी, साइट के पुनर्निर्माण का भारी खर्चा और प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग पर दबाव का कारण बनती हैं। भविष्य में, इन साइटों की स्थिरता और क्लाइमेट वल्नेरेबिलिटी की समीक्षा पर निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि इन देरी का असर क्षेत्र की कुल बिजली उत्पादन क्षमता पर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.