Larsen & Toubro (L&T) ने झारखंड में **1,600 MW** के थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ा ऑर्डर हासिल किया है। कोल इंडिया और दामोदर वैली कॉर्पोरेशन के जॉइंट वेंचर से मिले इस ऑर्डर की कीमत **₹5,000 करोड़ से ₹10,000 करोड़** के बीच आंकी गई है।
प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी
L&T की स्पेशलाइज्ड यूनिट 'L&T Energy CarbonLite Solutions' को यह काम सौंपा गया है। यह प्रोजेक्ट झारखंड के चंद्रपुरा में DVC CIL Power Private Ltd द्वारा मैनेज किया जा रहा है। इसमें 800-800 MW की दो यूनिट्स बनाई जाएंगी, जो अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगी। यह तकनीक पुराने प्लांट्स की तुलना में ज्यादा कुशल है और ईंधन की खपत व उत्सर्जन को कम करने में मदद करती है।
फाइनेंशियल इम्पैक्ट (Financial Impact)
कंपनी ने इस ऑर्डर को अपनी कैटेगरी में 'मेजर' बताया है। यह ऑर्डर L&T के सालाना कंसोलिडेटेड रेवेन्यू का लगभग 1.7% से 3.5% हिस्सा हो सकता है। यह कदम L&T की पावर इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Investor Watchpoints)
फिलहाल कंपनी को 'लिमिटेड नोटिस टू प्रोसीड' (LNTP) मिला है। इसका मतलब है कि पूरा काम शुरू करने के लिए अभी पर्यावरणीय मंजूरियों (Environmental Clearances) का इंतजार है। इन मंजूरियों में देरी प्रोजेक्ट की टाइमलाइन को प्रभावित कर सकती है।
बाजार के नजरिए से देखें तो 7 अक्टूबर 2026 को L&T के शेयरों में मामूली 0.6% से 0.75% की गिरावट देखी गई। शेयरधारकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी कितनी जल्दी फाइनल नोटिस टू प्रोसीड हासिल करती है और स्टील व कॉपर जैसी कच्चे माल की कीमतों को कैसे मैनेज करती है।
