Vedanta का ₹641 करोड़ का ऑर्डर, Lakshya Powertech में आई बहार
Lakshya Powertech Limited के शेयरों ने बुधवार को 19.98% की छलांग लगाई और ₹115.00 के स्तर पर स्टॉक मार्केट के अपर सर्किट को हिट किया। कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम छह गुना बढ़कर 1 लाख शेयरों तक पहुंच गया, जो पिछले 20 दिनों के औसत 0.2 लाख शेयरों से काफी ज्यादा है। यह तूफानी तेजी Vedanta Limited की ओर से ₹641.92 करोड़ के एक बड़े ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) कॉन्ट्रैक्ट के ऐलान के बाद आई। यह चार साल का कॉन्ट्रैक्ट राजस्थान में Vedanta के केयर्न ऑयल एसेट्स (Cairn oil assets) जैसे मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या फील्ड्स के लिए है। यह डील Lakshya Powertech के लिए लॉन्ग-टर्म O&M कॉन्ट्रैक्ट्स के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विस्तार है।
सेक्टर की ग्रोथ और Lakshya का वैल्यूएशन
भारतीय ऑयल और गैस सर्विसेज सेक्टर में मजबूत ग्रोथ की उम्मीदें हैं। सिक्योरिटी और सर्विसेज सेगमेंट के 2030 तक $609.1 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, और ऑयलफील्ड सर्विसेज मार्केट 2031 तक लगभग दोगुना होकर $3.94 बिलियन तक जा सकता है, जिसमें सालाना लगभग 12.5% की ग्रोथ देखी जा सकती है। इन सबके बावजूद, Lakshya Powertech के शेयर इंडस्ट्री के बाकी साथियों की तुलना में काफी कम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं। कंपनी का P/E रेश्यो 6.1-7.5 है, जबकि कई पीयर कंपनियां 20-40 से ऊपर ट्रेड करती हैं। पिछले एक साल में शेयर 35% से 46% तक गिर चुके हैं और अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब ट्रेड कर रहे हैं, जो ₹200 के हाई से काफी नीचे है। Vedanta के अपने फाइनेंशियल पोजीशन मजबूत हैं, हालांकि यह O&M कॉन्ट्रैक्ट Vedanta के कुल खर्च का एक छोटा हिस्सा है, लेकिन Lakshya के लिए यह रेवेन्यू विजिबिलिटी के लिहाज से अहम है।
निवेशक बाहर, ऑर्डर जीत पर सवाल?
वेदांता के इस बड़े ऑर्डर के बावजूद, एक चिंता की बात संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) द्वारा शेयरों की लगातार बिकवाली है। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने अक्टूबर 2024 में अपनी हिस्सेदारी 5.47% से घटाकर सितंबर 2025 तक 1.01% कर दी है। वहीं, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) की हिस्सेदारी भी इसी अवधि में 5.69% से घटकर 0.42% हो गई है। संस्थागत निवेशकों की यह बिकवाली और पब्लिक शेयरहोल्डिंग का 19.62% से बढ़कर 29.30% होना, यह दर्शाता है कि बड़े निवेशक कंपनी की ऑपरेशनल प्रगति के बावजूद इससे दूरी बना रहे हैं। Lakshya Powertech का मार्केट कैप छोटा होना और पब्लिक फ्लोट का बढ़ना भी शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है। इसके अलावा, O&M कॉन्ट्रैक्ट्स, हालांकि स्थिर होते हैं, आमतौर पर बड़े EPC प्रोजेक्ट्स की तुलना में कम प्रॉफिट मार्जिन देते हैं, जो निवेशकों के लिए ग्रोथ की संभावनाओं को सीमित कर सकता है।
आगे का रास्ता: अनिश्चितता बरकरार
कुल मिलाकर, Vedanta कॉन्ट्रैक्ट Lakshya Powertech को महत्वपूर्ण रेवेन्यू विजिबिलिटी देगा और बेहतर ऑपरेशंस के जरिए इसके मुनाफे को सपोर्ट करेगा। यह मल्टी-ईयर डील कंपनी के रेवेन्यू को स्थिर करने और बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। हालांकि, हाल के दिनों में किसी एनालिस्ट कवरेज का अभाव बाजार मूल्यांकन को सीमित करता है। संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली, शेयर का पिछला खराब प्रदर्शन और कम वैल्यूएशन, कंपनी के लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन के बारे में बाजार में संदेह पैदा करते हैं। निवेशक Lakshya के एग्जीक्यूशन, प्रॉफिट मार्जिन और अधिक विविध कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने की क्षमता पर नजर रखेंगे, ताकि स्टॉक के लिए उच्च वैल्यूएशन को सही ठहराया जा सके।