लद्दाख प्रशासन ने CNG और PNG पर लगने वाले वैट (VAT) को **21%** से घटाकर सीधे **5%** कर दिया है। **27 अगस्त 2026** से लागू हुआ यह फैसला Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) के गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार देगा।
रियायती टैक्स का क्या होगा असर?
लद्दाख प्रशासन द्वारा लिया गया यह बड़ा फैसला न केवल आम जनता के लिए ईंधन को सस्ता बनाएगा, बल्कि कठिन पहाड़ी इलाकों में गैस इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने की चुनौती को भी आसान करेगा। यह निर्णय Petroleum and Natural Gas Regulatory Board (PNGRB) की 22 जून 2026 की सिफारिशों के बाद आया है, जिसमें ऊंचाई वाले इलाकों की लॉजिस्टिकल चुनौतियों को देखते हुए टैक्स में ढील देने की सलाह दी गई थी। चूंकि नेचुरल गैस अभी भी GST के दायरे से बाहर है, इसलिए लद्दाख प्रशासन ने अपने स्तर पर यह टैक्स रियायत दी है।
BPCL के लिए क्यों है यह जरूरी?
लद्दाख में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) का पूरा जिम्मा Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) के पास है। वहां का दुर्गम इलाका, भीषण ठंड और ट्रांसपोर्टेशन की भारी लागत के कारण प्रोजेक्ट्स की आर्थिक व्यवहार्यता (financial viability) हमेशा से एक चुनौती रही है। टैक्स 21% से गिरकर 5% होने से कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे लंबे समय में प्रोजेक्ट की स्थिरता बढ़ेगी।
चुनौतियां अभी भी बरकरार
टैक्स में कटौती के बावजूद, प्रोजेक्ट्स के सामने कुछ जोखिम अभी भी मौजूद हैं। पहाड़ी भूगोल के कारण पाइपलाइन बिछाने की लागत अधिक है और मौसम की मार प्रोजेक्ट की समय-सीमा को प्रभावित कर सकती है। साथ ही, गैस की सप्लाई चेन में आने वाली किसी भी बाधा का असर कीमतों पर पड़ सकता है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि पाइपलाइन बिछाने की रफ्तार क्या रहती है और स्थानीय स्तर पर गैस की स्वीकार्यता कितनी तेजी से बढ़ती है।
