Strait of Hormuz से सितंबर में LNG की **19-21** कार्गो शिपमेंट्स दर्ज की गई हैं, जो फरवरी के बाद का उच्चतम स्तर है। हालांकि, यह प्री-वॉर लेवल से **80%** कम है और 'डार्क ट्रांजिट' का सहारा लिया जा रहा है।
शिपिंग रूट पर बढ़ता दबाव
फरवरी में शुरू हुए अमेरिका-ईरान तनाव के बाद से यह पहली बार है जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से इतनी संख्या में कार्गो गुजरे हैं। हालांकि, ट्रांजिट का यह स्तर अभी भी सामान्य से 80% नीचे बना हुआ है, जो दिखाता है कि एनर्जी सप्लाई चेन अभी भी भारी तनाव में है।
कैसे हो रहा है ऑपरेशंस?
सुरक्षा जोखिमों से बचने के लिए शिपिंग ऑपरेटर्स 'डार्क ट्रांजिट' (Dark Transits) का उपयोग कर रहे हैं। QatarEnergy से जुड़े जहाज, जैसे Al Kharaitiyat और Al Gharrafa, ने जलडमरूमध्य के अंदर अपने AIS ट्रांसपोंडर्स को बंद कर दिया है ताकि वे सैन्य निगरानी से बच सकें। ये जहाज अक्सर भारतीय तट के करीब आने पर ही रडार पर दोबारा दिखाई देते हैं।
मार्केट पर असर और भविष्य की चुनौती
Brent Crude कीमतें $102 प्रति बैरल के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि QatarEnergy ने 'Force Majeure' (अनिवार्य घटना) के तहत अपनी घोषणाओं को 2026 के अंत तक बढ़ा दिया है, जिसका अर्थ है कि वे अपने कांट्रेक्चुअल वादों को पूरा करने में असमर्थ हैं। सर्दियों का सीजन आने वाला है, जो गैस की डिमांड का पीक समय होता है। दुनिया की कुल एनर्जी सप्लाई का लगभग एक-पांचवां हिस्सा इसी रूट से होकर गुजरता है, ऐसे में किसी भी छोटी सी रुकावट से अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है।
