Kudankulam Nuclear Power Plant अपनी तीसरी **1,000 MW** की यूनिट शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसका लक्ष्य **जून 2027** तक कमीशनिंग करना है। हालांकि, इसे संचालित करने वाली कंपनी Nuclear Power Corporation of India Ltd (NPCIL) सरकारी है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
तमिलनाडु स्थित कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट अपनी तीसरी 1,000 मेगावाट (MW) की यूनिट को शुरू करने के करीब है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और जून 2027 तक इसे कमीशन किए जाने की उम्मीद है। अभी यह प्लांट दो 1,000 MW की यूनिट्स के साथ पूरी तरह सक्रिय है।
टेक्नोलॉजी और क्षमता का विस्तार
यह प्रोजेक्ट रूस की Rosatom के साथ साझेदारी में VVER-1000 रिएक्टर टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है। प्लांट की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए अब इसे 18 महीने के विस्तारित फ्यूल साइकिल (fuel cycle) पर शिफ्ट किया गया है, जिससे मेंटेनेंस शटडाउन कम होंगे और बिजली की सप्लाई लगातार बनी रहेगी। इसके बाद चौथी यूनिट जून 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है, जो भारत के लंबी अवधि के एनर्जी लक्ष्यों के लिए अहम है।
निवेशकों के लिए फाइनेंशियल संदर्भ
ऊर्जा क्षेत्र में रुचि रखने वाले निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि Nuclear Power Corporation of India Ltd (NPCIL) एक सरकारी उपक्रम है और NSE या BSE जैसे भारतीय शेयर बाजारों में लिस्टेड नहीं है। यानी इसका कोई सीधा शेयर फिलहाल बाजार में उपलब्ध नहीं है।
हालांकि, कंपनी डेट मार्केट में सक्रिय है और Non-convertible debentures (NCDs) जारी करती है। बाजार के जानकारों की नजर अक्सर कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर और यूनियन बजट में मिलने वाले सरकारी समर्थन पर रहती है। भविष्य में इसके IPO को लेकर खबरें आती रही हैं, लेकिन अभी तक कंपनी के सरकारी दर्जे में कोई आधिकारिक बदलाव नहीं हुआ है।
जोखिम और निगरानी
न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स तकनीकी और रेगुलेटरी चुनौतियों से घिरे होते हैं। इन विस्तार योजनाओं में निर्माण में देरी एक बड़ा रिस्क हो सकता है। चूंकि NPCIL का फंड सरकारी बजट पर निर्भर है, इसलिए निवेशकों को शॉर्ट-टर्म स्टॉक परफॉरमेंस की जगह डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी की प्रोग्रेस रिपोर्ट्स और डेट इश्यू से जुड़ी फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए।
