कर्नाटक लीगल मेट्रोलॉजी विभाग ने 'मिशन निखारा' (Mission Nikhara) के तहत **1,530** LPG सिलिंडरों की जांच की, जिसमें **25%** सिलिंडर तय वजन से कम पाए गए। इस जांच में IOCL, BPCL और HPCL जैसी दिग्गज तेल कंपनियां शामिल थीं।
जांच में क्या सामने आया?
कर्नाटक लीगल मेट्रोलॉजी विभाग ने 17 बॉटलिंग प्लांट्स पर अचानक छापेमारी की। 'मिशन निखारा' के तहत कुल 1,530 भरे हुए सिलिंडरों को टेस्ट किया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि 382 सिलिंडर (कुल सैंपल का 25%) तय मानक से कम वजन के पाए गए। वहीं, 943 सिलिंडर जरूरत से ज्यादा भरे हुए मिले और केवल 205 सिलिंडर ही सटीक वजन के निकले। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कुल ₹79,000 का जुर्माना लगाया गया है।
निवेशकों के लिए संकेत
भले ही ओएमसी (OMCs) यानी IOCL, BPCL और HPCL जैसी कंपनियों के लिए यह जुर्माना राशि बहुत मामूली है, लेकिन यह रिटेल मार्केट में बढ़ती रेगुलेटरी सख्ती को दर्शाता है। सरकार आवश्यक ईंधन की डिलीवरी और वजन को लेकर अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। भविष्य में अगर मानकों को और कड़ा किया जाता है, तो इन कंपनियों को अपनी बॉटलिंग यूनिट्स और मेजरमेंट टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने के लिए अतिरिक्त खर्च (Compliance Costs) करना पड़ सकता है।
ग्राहकों के लिए जरूरी जानकारी
सरकारी नियमों के अनुसार, हर डिलीवरी बॉय के पास वजन तौलने वाली मशीन होना अनिवार्य है। यदि आपको अपने सिलिंडर के वजन पर संदेह है, तो आप डिलीवरी के समय ही इसे तौलने के लिए कह सकते हैं। किसी भी शिकायत के लिए आप सरकारी हेल्पलाइन नंबर 1800 599 1100 पर कॉल कर सकते हैं।
