Indofast Energy ने डीलशेयर के पूर्व CEO कमलदीप सिंह को अपना नया नेतृत्व सौंपा है। कंपनी अगले तीन सालों में भारत भर में **10,000** बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन बनाने के लिए **$1 बिलियन** का निवेश करने की तैयारी में है।
बड़ा निवेश और बड़ी जिम्मेदारी
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) और SUN Mobility के जॉइंट वेंचर, Indofast Energy ने डीलशेयर के पूर्व CEO कमलदीप सिंह को बतौर CEO नियुक्त किया है। सिंह का मुख्य फोकस इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा। कंपनी की योजना है कि अगले तीन सालों के भीतर देश के 50 शहरों में 10,000 बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन खड़े किए जाएं।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
बाजार के जानकारों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि Indofast Energy एक प्राइवेट और अनलिस्टेड कंपनी है। शेयर बाजार के निवेशक इसे गलती से किसी लिस्टेड कंपनी जैसे कि Indowind Energy न समझें। इस कंपनी के शेयर अभी किसी भी पब्लिक एक्सचेंज (NSE/BSE) पर उपलब्ध नहीं हैं।
मैनेजमेंट में बदलाव और भविष्य की चुनौतियां
इस बदलाव के साथ ही, SUN Mobility ने सतीश सुंदरेशन को अपना CEO नियुक्त किया है, जो ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग ऑपरेशंस संभालेंगे। यह काम का बंटवारा कंपनी की एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए किया गया है।
हालाँकि, $1 बिलियन का यह प्रोजेक्ट आसान नहीं है। 'बैटरी-एज-ए-सर्विस' (BaaS) मॉडल की सफलता पूरी तरह से नेटवर्क की पहुंच और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर की मांग पर टिकी है। कमलदीप सिंह के लिए ई-कॉमर्स सेक्टर से निकलकर इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर की इस जटिल चुनौती को संभालना एक बड़ा बदलाव साबित होगा।
