KP Group ने अपने नए 'KP 3.0' रोडमैप का ऐलान कर दिया है, जिसके तहत कंपनी **FY32** तक **30 GW** की कुल क्षमता और **10 GWh** बैटरी स्टोरेज हासिल करना चाहती है। विस्तार की इस योजना में कंपनियों का पुनर्गठन और Sundrops Energia का **₹4,000 करोड़** का IPO शामिल है।
महत्वाकांक्षी विस्तार और लक्ष्य
KP Group ने FY32 तक 30 GW की कुल क्षमता हासिल करने का खाका तैयार किया है। इसमें 10 GW की खुद की रिन्यूएबल पावर जनरेशन (IPP), 10 GW की थर्ड-पार्टी EPC सेवाएं और 10 GWh की बैटरी मैन्युफैक्चरिंग शामिल है। वर्तमान में ग्रुप का पोर्टफोलियो 9.21 GW का है।
कंपनियों का नया स्वरूप
ग्रुप अपने लिस्टेड बिजनेस का पुनर्गठन कर रहा है। KPI Green Energy अब 50 MW से बड़े सोलर और IPP प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करेगी, जबकि KP Energy विंड और EPC प्रोजेक्ट्स संभालेगी। बैटरी और C&I प्रोजेक्ट्स को Sundrops Energia के तहत लाया गया है, जिसका ₹4,000 करोड़ का IPO अगले 10 से 12 महीनों में लाने की तैयारी है।
गवर्नेंस पर जोर
पुराने कॉर्पोरेट गवर्नेंस सवालों को शांत करने के लिए, ग्रुप ने BDO को नया स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है। साथ ही, प्रमोटर रॉयल्टी को सीमित करने और मार्च 2027 तक सभी प्रमोटर शेयर प्लेज को खत्म करने का ठोस कमिटमेंट दिया गया है।
जोखिम और चुनौतियां
इतने बड़े पैमाने पर विस्तार से डेट (Debt) बढ़ने की संभावना है, जिसे मैनेज करना बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूशन रिस्क, सप्लाई चेन की दिक्कतों और सरकारी पॉलिसी के समर्थन पर काफी कुछ निर्भर करेगा। बोट्सवाना का 5 GW का इंटरनेशनल प्रोजेक्ट और घरेलू फ्लोटिंग सोलर साइट्स की प्रगति कंपनी की कार्यक्षमता का असली टेस्ट होगी।
