Jupiter Wagons अपनी एनर्जी यूनिट JEM Energy के जरिए उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स हासिल कर चुकी है। कंपनी ने साल 2027 तक ₹1,000 करोड़ की ऑर्डर बुक बनाने का लक्ष्य रखा है, हालांकि निवेशकों की नजर कंपनी के हालिया नतीजों पर भी है, जिसमें प्रॉफिट में **56.4%** की गिरावट आई है।
कारोबार का नया विस्तार
Jupiter Wagons Limited अब अपने मुख्य रेलवे इक्विपमेंट बिजनेस से हटकर एनर्जी सेक्टर में अपनी पैठ मजबूत कर रही है। कंपनी की सब्सिडियरी, Jupiter Electric Mobility (JEM) Energy, ने उत्तराखंड में 41 MW/102.5 MWh के प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाई है। ₹100 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी Madhav Infra Projects के साथ साझेदारी करेगी। इसके साथ ही, कंपनी को पश्चिम बंगाल के जीरत सबस्टेशन पर 50 MW/200 MWh के BESS प्रोजेक्ट का लेटर ऑफ अवार्ड भी मिला है।
लक्ष्य और चुनौतियां
ये प्रोजेक्ट्स सरकार की 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III' पहल के तहत हैं। कंपनी का मैनेजमेंट साल 2027 तक BESS सेगमेंट में ₹1,000 करोड़ की ऑर्डर बुक तैयार करने के लिए आश्वस्त है। कंपनी का अनुमान है कि JEM Energy FY2027 की तीसरी तिमाही तक EBITDA पॉजिटिव हो जाएगी, जबकि FY2028 तक इसे पूरी तरह प्रॉफिटेबल बनाने का लक्ष्य है।
हालांकि, ये अच्छी खबरें एक ऐसे समय में आई हैं जब कंपनी का प्रदर्शन दबाव में है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का नेट प्रॉफिट 56.4% तक गिर गया है। सप्लाई चेन की दिक्कतों और नए प्रोटोटाइप्स पर आने वाले खर्च के चलते EBITDA मार्जिन भी प्रभावित हुए हैं, जिसके कारण इस साल स्टॉक में करीब 34% की गिरावट देखने को मिली है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या ये नए कॉन्ट्रैक्ट्स कंपनी के मार्जिन को संवार पाएंगे या नहीं।
