Q3 में मुनाफे का भारी नुकसान
Jaiprakash Power Ventures के शेयरधारकों के लिए आज का दिन मायूस करने वाला रहा। कंपनी के शेयर 7% से ज़्यादा गिरकर ₹14.91 के इंट्राडे लो (intraday low) पर आ गए। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह कंपनी की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे रहे, जो बेहद निराशाजनक थे। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल की समान अवधि के ₹124.7 करोड़ के मुकाबले इस बार बुरी तरह गिरा है। मुनाफे में यह भारी कमी निवेशकों के लिए एक बड़ा झटका थी, जिसने बाजार में बिकवाली को हवा दी।
रेवेन्यू में मामूली बढ़ोतरी, पर प्रॉफिट का भारी नुकसान
जहां कंपनी का मुनाफा बुरी तरह गिरा, वहीं उसके ऑपरेशनल रेवेन्यू (Revenue) में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। दिसंबर तिमाही के लिए कंपनी का रेवेन्यू ₹1,155.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹1,140.2 करोड़ से थोड़ा ज़्यादा है। लेकिन, रेवेन्यू में यह मामूली बढ़ोतरी, गिरते मुनाफे की भरपाई करने में नाकाम रही और मार्केट को खुश नहीं कर सकी।
शेयर का पिछला परफॉरमेंस और बाज़ार का माहौल
Jaiprakash Power Ventures के शेयर का पिछला परफॉरमेंस भी चिंताजनक है। पिछले 12 महीनों में शेयर 0.5% गिरा है, जबकि Nifty 50 इंडेक्स इसी दौरान 8.22% बढ़ा है। फिलहाल शेयर अपने 52-वीक हाई (52-week high) ₹27.7 से करीब 46.2% नीचे ट्रेड कर रहा है। दोपहर 1:38 बजे, यह शेयर 6.8% की गिरावट के साथ ₹15 पर था, वहीं Nifty 50 में 0.5% की मामूली गिरावट देखी गई। यह दिखाता है कि शेयर बाज़ार के मुकाबले काफी कमजोर रहा है।
चेयरमैन की बेल और कंपनी का स्पष्टीकरण
खबरों के अनुसार, पिछले महीने कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चेयरमैन मनोज गौर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद 24 जनवरी को अंतरिम बेल (interim bail) मिली थी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह मामला Jaypee Infratech और Jaiprakash Associates से जुड़ा है और इसका Jaiprakash Power Ventures के फाइनेंसियल ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, मौजूदा समय में इन्वेस्टर्स की नज़र सिर्फ़ कंपनी के नतीजों पर ही टिकी हुई है।
