JSW Energy के नतीजों का खुलासा: ₹5,210 करोड़ रेवेन्यू, पर मुनाफे में **37%** की भारी गिरावट!

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AuthorMehul Desai|Published at:
JSW Energy के नतीजों का खुलासा: ₹5,210 करोड़ रेवेन्यू, पर मुनाफे में **37%** की भारी गिरावट!

JSW Energy ने पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹5,210 करोड़** तक पहुंच गया। हालांकि, एडजस्टेड नेट प्रॉफिट में पिछले साल की तुलना में **37%** की गिरावट आई है और यह **₹470 करोड़** रहा। कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट मजबूत करने के लिए **₹10,150 करोड़** जुटाए हैं और रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो का विस्तार जारी है।

Detailed Coverage

दमदार रेवेन्यू पर मुनाफे में गिरावट

JSW Energy ने 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू ₹5,210 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, EBITDA में पिछले साल की तुलना में 3% और पिछली तिमाही की तुलना में 28% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹2,870 करोड़ रहा। लेकिन, बॉटम-लाइन यानी नेट प्रॉफिट पर नजर डालें तो यह 37% घटकर ₹470 करोड़ पर आ गया।

कर्ज घटाने के लिए बड़ी फंडिंग

कंपनी अपने कर्ज को मैनेज करने पर खास ध्यान दे रही है। इस तिमाही में JSW Energy ने ₹10,150 करोड़ का फंड जुटाया है। इसमें ₹3,000 करोड़ की प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट, ₹3,150 करोड़ की पार्शियल स्टेक सेल और ₹4,000 करोड़ का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) शामिल है। इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो को 5 गुना से नीचे रखने के लिए करेगी। तिमाही के अंत तक कंपनी पर कुल ₹74,000 करोड़ का ग्रॉस डेट था, जबकि ₹12,900 करोड़ कैश के रूप में थे। फिलहाल, नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो लगभग 4.96 है।

ऑपरेशनल दिक्कतें बनीं चिंता का सबब

पहली तिमाही में कंपनी के हाइड्रो और थर्मल पावर प्लांट्स के ऑपरेशनल परफॉरमेंस पर दबाव देखा गया। कमजोर मॉनसून के कारण हाइड्रो प्लांट लोड फैक्टर (PLF) पिछले साल के 66% से घटकर 40% रह गया। वहीं, थर्मल PLF भी 76% से गिरकर 71% हो गया। KSK Mahanadi साइट पर 17 दिन के ट्रांसमिशन आउटेज और रत्नागिरी प्लांट में मेंटेनेंस के कारण यह गिरावट आई। सोलर ऑपरेशन्स का PLF 21% रहा। इन दिक्कतों के चलते कंपनी का नेट जनरेशन वॉल्यूम 12.9 बिलियन यूनिट रहा।

रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस और सेक्टर रिस्क

JSW Energy तेजी से अपने पोर्टफोलियो को रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ा रही है, जो अब कुल 14.6 GW इंस्टॉल्ड कैपेसिटी का 61% है। इस फाइनेंशियल ईयर में कंपनी 1.1 GW की रिन्यूएबल कैपेसिटी जोड़ चुकी है और FY27 तक 3 GW का टारगेट पूरा करने की राह पर है। कंपनी अगले फाइनेंशियल ईयर (FY28) में सल्बोनी थर्मल प्रोजेक्ट और KSK Mahanadi प्लांट के यूनिट-4 को शुरू करने की योजना बना रही है।

हालांकि, सेक्टर में ग्रिड से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। जून तिमाही में, कंपनी की सोलर कैपेसिटी का लगभग 12-14% हिस्सा ग्रिड कनेक्टिविटी या डिमांड की कमी के कारण इस्तेमाल नहीं हो सका (curtailment)। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होता है या नहीं, जिससे कंपनी अपनी बढ़ती रिन्यूएबल एसेट्स का पूरा उपयोग कर सके। साथ ही, आने वाली तिमाहियों में हाइड्रो और थर्मल सेग्मेंट्स में पावर जनरेशन का सामान्य होना भी कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.