JSW Energy ने **15,025 MW** की कुल ऑपरेशनल कैपेसिटी हासिल कर ली है, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी का हिस्सा अब **60%** हो गया है। हालांकि, भारी विस्तार और बढ़ते फाइनेंस कॉस्ट के कारण कंपनी के मुनाफे पर दबाव भी बना हुआ है।
ग्रीन एनर्जी की ओर बड़ा कदम
JSW Energy ने पावर जनरेशन में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी की कुल ऑपरेशनल कैपेसिटी अब 15,025 मेगावाट हो गई है। खास बात यह है कि विंड, सोलर और हाइड्रो जैसे रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स अब कुल क्षमता का 60% यानी 9,067 मेगावाट हिस्सा संभाल रहे हैं, जो कंपनी की थर्मल पावर पर निर्भरता कम करने की रणनीति को दिखाता है।
मुनाफे पर क्यों दिख रहा दबाव?
विस्तार की रफ्तार के बावजूद कंपनी के फाइनेंशियल रिजल्ट्स में चुनौतियों की झलक मिली है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी के नेट प्रॉफिट में 36.6% की गिरावट दर्ज की गई। इसके पीछे मुख्य वजहें बड़े पैमाने पर जारी विस्तार का फाइनेंस कॉस्ट, ज्यादा डिप्रिसिएशन (Depreciation) और प्लांट मेंटेनेंस के अलावा हाइड्रो एसेट्स का कमजोर सीजनल प्रदर्शन रहा है।
2030 का टारगेट और भविष्य की राह
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 में 3,000 मेगावाट नई क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 42% काम पूरा हो चुका है। JSW Energy का लक्ष्य 2030 तक कुल 30 गीगावाट जनरेशन और 40 गीगावाट-घंटा एनर्जी स्टोरेज क्षमता तक पहुंचना है। इसके लिए कंपनी 4 GW की BluPine Energy प्लेटफॉर्म के अधिग्रहण जैसी बिडिंग में भी शामिल है।
निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपने भारी कर्ज और तेजी से बढ़ते विस्तार के बीच मुनाफे के मार्जिन (Margins) को कैसे मैनेज करती है। बाजार की नजर अब इस बात पर है कि नए प्रोजेक्ट्स के शुरू होने के बाद फाइनेंस कॉस्ट में कितनी कमी आती है।
