JSW Energy की सब्सिडियरी JEPEL ने Bondada Renewable Energy से **₹443.74 करोड़** का बैटरी स्टोरेज सॉल्यूशन का ऑर्डर जीता है। यह डील कंपनी के **2030** तक **40 GWh** एनर्जी स्टोरेज कैपेसिटी के लक्ष्य को हासिल करने में अहम साबित होगी। शुक्रवार को JSW Energy का शेयर **3.70%** चढ़कर **₹553.20** पर बंद हुआ।
JSW Energy की सब्सिडियरी को मिला बड़ा प्रोजेक्ट
JSW Energy लिमिटेड ने बताया है कि उसकी स्टेप-डाउन सब्सिडियरी JSW Energy PSP Eleven Ltd. (JEPEL) को Bondada Renewable Energy Pvt. Ltd. (Bondada Engineering Ltd. का हिस्सा) से ₹443.74 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इस डील के तहत JEPEL 200 MW/400 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और पावर कन्वर्जन सॉल्यूशंस की सप्लाई करेगी। यह कॉन्ट्रैक्ट JEPEL के लिए काफी अहम है, जिसके पास पुणे में 5 GWh की बैटरी असेंबली प्लांट है। कंपनी एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है।
रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज का बढ़ता महत्व
नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सोलर और विंड पावर को नेशनल ग्रिड से जोड़ने के लिए एनर्जी स्टोरेज बहुत ज़रूरी है। ये स्रोत रुक-रुक कर ऊर्जा देते हैं, इसलिए पीक डिमांड के समय सप्लाई बनाए रखने के लिए स्टोरेज की जरूरत पड़ती है। JSW Energy इस सेगमेंट में तेजी से अपनी कैपेसिटी बढ़ा रही है। फिलहाल कंपनी के पास कुल 29.6 GWh का एनर्जी स्टोरेज पोर्टफोलियो है, जिसमें 26.4 GWh का पांप्ड हाइड्रो स्टोरेज और 3.2 GWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शामिल है। मैनेजमेंट ने 2030 तक 40 GWh स्टोरेज कैपेसिटी और 30 GW जनरेशन कैपेसिटी का लक्ष्य रखा है, साथ ही 2050 तक कार्बन न्यूट्रल बनने की योजना है।
क्षमता विस्तार और वित्तीय स्थिति
यह नया ऑर्डर कंपनी के तेजी से हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ का हिस्सा है। 8 जुलाई 2026 तक, JSW Energy ने फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत से 1,081 MW की नई रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी चालू की है। इससे कंपनी की कुल ऑपरेशनल कैपेसिटी बढ़कर 14,535 MW हो गई है। रिन्यूएबल एनर्जी अब इस कुल कैपेसिटी का 61% है, जो कंपनी के पुराने थर्मल पावर रूट्स से एक स्ट्रेटेजिक बदलाव का संकेत देता है। कंपनी के पोर्टफोलियो में अब विंड, सोलर, हाइब्रिड और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ 5,658 MW की थर्मल कैपेसिटी भी शामिल है।
इस घोषणा के बाद, शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर JSW Energy के शेयर 3.70% बढ़कर ₹553.20 पर बंद हुए। यह निवेशकों की प्रतिक्रिया को दर्शाता है, जो कंपनी के चल रहे ऑर्डर एग्जीक्यूशन और कैपेसिटी विस्तार के प्रयासों पर भरोसा जता रहे हैं। हालांकि, कंपनी की कैपेसिटी में अच्छी ग्रोथ देखी गई है, लेकिन निवेशक अक्सर इन बड़े प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन टाइमलाइन और भारी कैपिटल स्पेंडिंग का डेट लेवल और कैश फ्लो पर पड़ने वाले असर पर नजर रखते हैं। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच बैटरी स्टोरेज जैसे नए टेक्नोलॉजी सेगमेंट्स में विस्तार करते हुए प्रॉफिटेबल मार्जिन बनाए रखना, लंबी अवधि में निगरानी का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बना रहेगा।
