ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बड़े अधिग्रहण की तैयारी है। Actis-समर्थित BluPine Energy के **4-गीगावाट** के रिन्यूएबल पोर्टफोलियो को खरीदने के लिए JSW Neo Energy और Blackstone जैसी दिग्गज कंपनियां आमने-सामने हैं। इस सौदे की वैल्यू करीब **₹22,000 करोड़** आंकी गई है।
भारत के रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। BluPine Energy का 4-गीगावाट का पावर पोर्टफोलियो अब अधिग्रहण की होड़ के केंद्र में है। इस पूरी डील को Standard Chartered Bank मैनेज कर रहा है, जो ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में कंसोलिडेशन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कौन-कौन है रेस में?
इस अधिग्रहण प्रक्रिया में JSW Neo Energy, Blackstone, Macquarie और Inox Clean ने नॉन-बाइंडिंग बिड्स दी हैं। इसके अलावा Brookfield और RP Sanjiv Goenka Group की Purvah Green भी इस पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि KKR ने प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए थोड़ा और समय मांगा है। कंपनियां नया प्रोजेक्ट खड़ा करने के बजाय बने-बनाए प्लेटफॉर्म को खरीदना ज्यादा बेहतर मान रही हैं ताकि तेजी से स्केल किया जा सके।
JSW Energy की चुनौती और दांव
JSW Neo Energy का लक्ष्य 2030 तक 30-गीगावाट की क्षमता हासिल करना है। हालांकि, यह आक्रामक विस्तार भारी निवेश की मांग करता है। मार्च 2026 तक, पेरेंट कंपनी JSW Energy का नेट डेट ₹65,834 करोड़ रहा है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि कंपनी कर्ज और एक्सपेंशन के बीच संतुलन कैसे बिठाती है।
सेक्टर के जोखिम
इस नीलामी में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है, जिससे फाइनल डील वैल्यू बहुत ऊंची जा सकती है, जो खरीदार के रिटर्न (ROI) पर असर डाल सकती है। साथ ही, इस पोर्टफोलियो की सफलता सरकारी यूटिलिटीज के साथ कॉन्ट्रैक्ट्स और मौसम के बावजूद पावर जनरेशन बनाए रखने की क्षमता पर टिकी होगी।
