इटली के ग्रिड ऑपरेटर Terna ने बताया है कि डेटा सेंटर के लिए बिजली की मांग अब **100 गीगावाट (GW)** के पार पहुंच गई है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के इस दौर में यह आंकड़ा तो बड़ा दिख रहा है, लेकिन हकीकत में वास्तविक निर्माण क्षमता इससे काफी कम है, जो एनर्जी सिस्टम के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
डिजिटल क्रांति और ग्रिड की चुनौती
इटली में डिजिटल विस्तार की रफ्तार अब वहां के पावर ग्रिड की भौतिक क्षमता पर भारी पड़ रही है। Terna के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, करीब 600 प्रोजेक्ट्स के लिए बिजली कनेक्शन की मांग 100 GW के आंकड़े को पार कर गई है। गौर करने वाली बात यह है कि मई 2025 में यह मांग महज 42 GW थी, जो दर्शाता है कि देश का एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर कितनी तेजी से दबाव में आ रहा है।
दिखावा ज्यादा, हकीकत कम
हालांकि 100 GW का आंकड़ा काफी बड़ा लग सकता है, लेकिन इसमें से एक बड़ा हिस्सा केवल स्पेक्युलेटिव (काल्पनिक) प्रोजेक्ट्स का है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2028 से 2030 के बीच सिर्फ 2 से 3 GW नई क्षमता ही हकीकत में जमीन पर उतर पाएगी। ग्रिड ऑपरेटरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे कैसे असली प्रोजेक्ट्स को बिजली मुहैया कराएं और काल्पनिक फाइलों के चक्कर में अपने सीमित रिसोर्सेज को बर्बाद होने से बचाएं।
मिलान में सबसे ज्यादा जोर
क्षेत्रीय असंतुलन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अकेले लोम्बार्डी रीजन, जिसमें मिलान का इलाका भी शामिल है, वहां इटली की 68% डेटा सेंटर पावर कैपेसिटी केंद्रित है। इस अत्यधिक एकाग्रता (concentration) के कारण स्थानीय ग्रिड में बाधाएं आ रही हैं।
आगे का रास्ता
Terna अब आधुनिक प्लानिंग मॉडल्स का इस्तेमाल कर रही है ताकि वास्तविक और फिजिबल प्रोजेक्ट्स को अलग किया जा सके। यह स्थिति न केवल इटली, बल्कि पूरे यूरोप के लिए एक सबक है कि कैसे डिजिटल ग्रोथ और एनर्जी सप्लाई के बीच तालमेल बिठाया जाए, ताकि ग्रिड अस्थिर न हो।
