हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बाद इराक ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सीरिया के बानियास बंदरगाह का रुख किया है। कतर की कंपनी UCC की मदद से रोज **200** टैंकर ईंधन अल-तन्फ सीमा के जरिए इराक पहुंच रहा है।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने के बाद इराक ने घरेलू सप्लाई बनाए रखने के लिए एक नया रूट तैयार किया है। अब ईंधन की खेप सीरिया के बानियास पोर्ट से अल-तन्फ बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए इराक भेजी जा रही है। इस पूरी सप्लाई चेन को कतर की दिग्गज कंपनी UCC मैनेज कर रही है।
पाइपलाइन की तैयारी
सीरियाई प्रशासन के अंतरिम लीडर अहमद अल-शरा (Ahmad al-Sharaa) अब स्थाई पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने पर विचार कर रहे हैं। इससे पर्शियन गल्फ के समुद्री रास्तों पर निर्भरता कम हो सकेगी। सीरिया के लिए यह ट्रांजिट फीस के जरिए कमाई का एक जरिया बनेगा, वहीं इराक के लिए यह औद्योगिक और घरेलू ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का एक बड़ा रास्ता है।
भारतीय निवेशकों के लिए संकेत
मिडिल ईस्ट में बदलती यह भू-राजनीतिक स्थिति ग्लोबल क्रूड ऑयल कीमतों में उतार-चढ़ाव पैदा कर सकती है। भारत, जो अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, के लिए यह चिंता का विषय है। यदि समुद्री रास्तों में लंबे समय तक बाधा रहती है, तो इंडियन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है और महंगाई का असर भी देखने को मिल सकता है। निवेशकों के लिए क्रूड प्राइस की मूवमेंट और इन वैकल्पिक ट्रांजिट रूटों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
