Iran के ऑयल मिनिस्टर Mohsen Paknejad ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अमेरिका के साथ चल रहे तनाव और देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के बीच राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने National Iranian Oil Company के CEO Hamid Bovard को कार्यवाहक मंत्री नियुक्त किया है।
नेतृत्व में बड़ा बदलाव
4 अक्टूबर, 2026 को Mohsen Paknejad ने ईरान के तेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश का एनर्जी सेक्टर भारी दबाव में है। देश की आर्थिक स्थिरता के लिए यह विभाग सबसे अहम माना जाता है। इस रिक्ति को भरने के लिए राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अनुभवी Hamid Bovard को जिम्मेदारी सौंपी है, जो पहले से ही नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी के सीईओ (CEO) के तौर पर काम कर रहे हैं।
क्यों है यह संकट गंभीर?
ईरान पिछले 8 महीनों से अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के गंभीर परिणामों से जूझ रहा है। इस भू-राजनीतिक (Geopolitical) संकट का सीधा असर देश की करेंसी की वैल्यू गिरने और हाई इन्फ्लेशन (Inflation) के रूप में देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने वैश्विक बाजारों तक ईरान की पहुंच को सीमित कर दिया है, जिससे ऑयल एक्सपोर्ट पर बुरा असर पड़ा है।
ग्लोबल मार्केट पर असर की चिंता
निवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर अब इस बात पर टिकी है कि नए नेतृत्व के आने से प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट की रणनीति में क्या बदलाव आता है। तेल निर्यात ईरान के सरकारी रेवेन्यू का मुख्य स्रोत है। 'होरमुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) जैसे संवेदनशील इलाके से तेल की आवाजाही को लेकर भी ग्लोबल मार्केट में चिंताएं बनी हुई हैं। हालांकि, सरकार का दावा है कि निर्यात सामान्य रूप से जारी है, लेकिन इस इस्तीफे ने वित्तीय अनिश्चितता को एक बार फिर हवा दे दी है। अब सभी की निगाहें कार्यवाहक मंत्री Hamid Bovard के अगले कदमों और सरकार की नई आर्थिक नीतियों पर टिकी हैं।
