ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। अमेरिका की हालिया कार्रवाई के जवाब में यह हमला हुआ है, जिससे बड़े संघर्ष का डर बढ़ गया है और तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, जो **$150** प्रति बैरल तक जा सकती हैं।
तनाव में भारी वृद्धि
ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा खाड़ी क्षेत्र में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला करने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव अचानक बढ़ गया है। यह कार्रवाई ईरानी क्षेत्र के अंदर हालिया अमेरिकी हमलों की सीधी प्रतिक्रिया है।
IRGC का दावा: कई ठिकानों पर हमले
IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने लगभग 18 सैन्य स्थलों को निशाना बनाया, जिनमें जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी बेस और लड़ाकू विमानों की तैनाती शामिल है। ये हमले तेहरान के पास के ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी बलों द्वारा रात भर की गई कार्रवाई के बाद हुए। IRGC का दावा है कि 12 बैलिस्टिक मिसाइलों ने जॉर्डन के अल-अज़राक एयर बेस को निशाना बनाया, जिसमें कथित तौर पर कई अमेरिकी लड़ाकू विमान नष्ट हो गए, हालांकि अमेरिकी या जॉर्डन के अधिकारियों से आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। कुवैत में दो और बहरीन में एक हवाई अड्डे पर भी हमले की सूचना मिली है, जिसमें अमेरिकी पांचवें बेड़े का मुख्यालय भी शामिल है।
एनर्जी मार्केट्स पर असर
खबरों पर वैश्विक ऊर्जा बाजारों ने तेजी से प्रतिक्रिया दी है। ईरान द्वारा जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में $2 प्रति बैरल से अधिक की उछाल आई है। यह जलडमरूमध्य तेल शिपिंग के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक मार्ग है, और ईरान ने इसे कथित अमेरिकी 'आक्रामकता' के जवाब में बंद करने की घोषणा की है। एनर्जी रिसर्च फर्म Rystad Energy का अनुमान है कि अगर संघर्ष तेज होता है तो कच्चे तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं। फर्म का अनुमान है कि खाड़ी के छह देशों में प्रतिदिन लगभग 11.8 मिलियन बैरल तेल उत्पादन अब जोखिम में है, जो आपूर्ति में एक बड़ा झटका है।
भारतीय नागरिक भी प्रभावित
एक संबंधित घटनाक्रम में, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने लगातार दूसरे दिन ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर हमला करने की पुष्टि की है। इस जहाज पर 24 भारतीय नागरिक सवार थे। भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि तीन भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं, और उनकी खोज एवं बचाव अभियान जारी है। इस ताजा वृद्धि ने व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष और वैश्विक तेल आपूर्ति में संभावित व्यवधानों के बारे में चिंताओं को बढ़ा दिया है।
