नतीजों पर 'Inox Wind' की दमदार परफॉरमेंस!
Wind energy सेक्टर की दिग्गज कंपनी Inox Wind ने हाल ही में अपने Q3 FY26 के नतीजे जारी किए हैं, और ये नतीजे निवेशकों को खुश करने वाले हैं। कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर अपने रेवेन्यू और मुनाफे (Profit) में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है।
Q3 FY26 के मुख्य आंकड़े:
- रेवेन्यू (Revenue): कंपनी की कुल आय (Total Income) 24% की शानदार उछाल के साथ ₹1,238 करोड़ पर पहुंच गई।
- EBITDA: EBITDA में 39% की प्रभावशाली बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹313 करोड़ रहा।
- PBT (Profit Before Tax): 62% बढ़कर ₹209 करोड़ दर्ज किया गया।
- PAT (Profit After Tax): 14% बढ़कर ₹127 करोड़ पर आ गया।
- कैश पैट (Cash PAT): इसमें 38% का इजाफा हुआ और यह ₹262 करोड़ रहा।
- प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन (Project Execution): कंपनी ने 33% ज्यादा यानी 252 MW के प्रोजेक्ट्स पूरे किए।
हालांकि, कंपनी की ऑर्डर बुक (Order Book) साल-दर-साल 3% घटकर 3,185 MW पर आ गई है।
तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) प्रदर्शन:
तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर देखें तो, Q3 FY26 में रेवेन्यू 6.5% बढ़कर ₹1,238 करोड़ हुआ, जबकि EBITDA में 15.5% की मजबूत बढ़त के साथ ₹313 करोड़ दर्ज किया गया। PAT भी 5% बढ़कर ₹127 करोड़ रहा।
9 महीने (9M FY26) का मजबूत प्रदर्शन:
9 महीने (9M FY26) के नतीजों पर नजर डालें तो, कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 36% बढ़कर ₹3,263 करोड़ हो गया। EBITDA में 42% की शानदार ग्रोथ देखी गई और यह ₹804 करोड़ रहा। PAT में 39% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹345 करोड़ पर पहुंचा, जबकि कैश पैट 66% बढ़कर ₹668 करोड़ दर्ज किया गया।
मार्जिन और वित्तीय स्थिति:
कंपनी के मार्जिन (Margins) में भी सुधार हुआ है। Q3 FY26 में EBITDA मार्जिन करीब 25.3% रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 22.7% (एडजस्टेड) से बेहतर है। 9M FY26 तक कंपनी पर ₹222 करोड़ का नेट डेट (Net Debt) था, जबकि नेट वर्थ (Net Worth) ₹705 करोड़ रही, जो एक अच्छी वित्तीय स्थिति का संकेत है।
भविष्य के लिए गाइडेंस और ग्रोथ ड्राइवर्स:
मैनेजमेंट ने भविष्य को लेकर काफी आशावादी रुख अपनाया है। FY26 के लिए कंपनी ने ₹5,000 करोड़ से अधिक के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल की तुलना में 35% से भी ज्यादा की ग्रोथ दर्शाता है। EBITDAM मार्जिन 20-22% के बीच रहने का अनुमान है। FY27 में रेवेन्यू में 75% की ग्रोथ का अनुमान है।
इस ग्रोथ के पीछे मुख्य कारण नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का तेजी से शुरू होना है। कंपनी नैसल्स, हब्स, ट्रांसफॉर्मर और क्रेन के साथ-साथ कर्नाटक में ब्लेड और टॉवर यूनिट भी स्थापित कर रही है। इसके अलावा, 4X MW की एडवांस टर्बाइन का CY26 में लॉन्च होना एक बड़ा कैटेलिस्ट साबित हो सकता है। Inox Green के O&M पोर्टफोलियो का कंसॉलिडेशन और लंबे समय के लिए नियमित ऑर्डर हासिल करना भी कंपनी की रणनीति का अहम हिस्सा है।
जोखिम और भविष्य की राह:
हालांकि, ऑर्डर बुक में आई मामूली गिरावट पर नजर रखने की जरूरत होगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नए ऑर्डर लगातार आते रहें। नए प्लांट का तेजी से काम पूरा करना और 4X MW टर्बाइन का समय पर लॉन्च होना महत्वपूर्ण होगा। Inox Green और Inox Renewable Solutions के डी-मर्जर (Demerger) पर भी नजर रखनी होगी। कुल मिलाकर, भारत के मजबूत विंड सेक्टर (Wind Sector) और सरकार की नीतियों के चलते Inox Wind का आउटलुक (Outlook) काफी सकारात्मक दिख रहा है।