ICICI Securities ने Indraprastha Gas (IGL) पर अपनी 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन शेयर का टारगेट प्राइस ₹250 से घटाकर ₹240 कर दिया है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में तो बढ़त दिखी, लेकिन गैस की ऊंची लागत के कारण मुनाफे पर भारी दबाव पड़ा।
नतीजों पर मार्जिन का भारी दबाव
ICICI Securities ने Indraprastha Gas (IGL) के शेयर पर अपना 'BUY' रेटिंग तो बनाए रखा है, लेकिन लक्ष्य (Target Price) को ₹250 से घटाकर ₹240 कर दिया है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के नतीजे कंपनी के लिए थोड़े चुनौतीपूर्ण रहे, जहां इनपुट गैस की लागत बढ़ने से मुनाफे (Profit Margins) पर काफी असर पड़ा।
कमाई बढ़ी, मुनाफा घटा
कंपनी की पिछली तिमाही की परफॉरमेंस मिली-जुली रही। जहां एक ओर कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 16% से 17% बढ़कर ₹5,043 करोड़ हो गया, वहीं दूसरी ओर बॉटम लाइन यानी नेट प्रॉफिट में बड़ी गिरावट आई। आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT) पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 44% घटकर ₹238 करोड़ पर आ गया। रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच यह अंतर कंपनी पर पड़ रहे दबाव को साफ दर्शाता है।
क्यों गिरी मुनाफा?
मुनाफे में गिरावट का सबसे बड़ा कारण मार्जिन का सिकुड़ना है। खासकर, खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव के कारण सप्लाई चेन में आई बाधाओं के चलते ग्लोबल गैस की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। Indraprastha Gas इन बढ़ी हुई लागतों को पूरी तरह से अपने ग्राहकों पर डालने में कामयाब नहीं हो पाई है, जिसका मतलब है कि बेची गई हर यूनिट गैस पर मिलने वाला मुनाफा कम हो गया है। हालांकि, इन लागत दबावों के बावजूद, कंपनी के कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) वॉल्यूम में लगातार ग्रोथ देखने को मिली है, जिसने कुल रेवेन्यू बढ़ाने में मदद की।
आगे क्या है उम्मीद?
ब्रोकरेज फर्म लॉन्ग-टर्म के नजरिए से कंपनी की संभावनाओं को लेकर उत्साहित है। ICICI Securities का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी की कमाई (Earnings) में सालाना औसतन 15.7% की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। यह अनुमान इस बात पर आधारित है कि सीएनजी (CNG) का इस्तेमाल बढ़ता रहेगा और भविष्य में रेगुलेटरी बदलाव सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लिए अधिक स्थिरता या लाभ ला सकते हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों से भी अवगत रहना चाहिए। कंपनी का बिजनेस मॉडल इंपोर्टेड एलएनजी (LNG) की कीमतों के प्रति बहुत संवेदनशील है, जो अंतर्राष्ट्रीय संघर्षों के दौरान अस्थिर हो सकती हैं। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की ओर बढ़ता रुझान भी सीएनजी की मांग के विकास को लंबे समय में प्रभावित कर सकता है। इसके अतिरिक्त, कंपनी को संभावित लाइसेंस शुल्क की मांगों को लेकर भी लगातार निगरानी रखनी होगी।
जैसे-जैसे कंपनी आगे बढ़ रही है, बाजार यह ट्रैक करेगा कि इनपुट गैस की लागत का ट्रेंड कैसा रहता है और कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को सफलतापूर्वक सुधार पाती है या नहीं। वॉल्यूम ग्रोथ और सप्लाई चेन के जोखिमों से निपटने की मैनेजमेंट की क्षमता पर नजर रखना उन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगा जो इस स्टॉक को ट्रैक कर रहे हैं। हाल में यह शेयर लगभग ₹151.70 पर ट्रेड कर रहा था।
