Indraprastha Gas (IGL) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में **9.39 MSCMD** की रिकॉर्ड सेल्स दर्ज की है। CNG और इंडस्ट्रियल डिमांड में आए उछाल से कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ा है, साथ ही कंपनी ने अब सोलर एनर्जी सेक्टर में भी कदम रखा है।
सेल्स और नेटवर्क का विस्तार
कंपनी ने ऑपरेशन्स में बड़ा मुकाम हासिल किया है। इस सफलता के पीछे सबसे बड़ी वजह CNG की खपत रही, जो 50 लाख किलोग्राम प्रतिदिन के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई। इसके अलावा, इंडस्ट्रियल गैस की खपत भी पहली बार 1 MSCMD को पार कर गई है। अपने नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए कंपनी ने साल के दौरान 70 नए CNG स्टेशन खोले, जिससे कुल संख्या 1,024 हो गई है। साथ ही, 3.70 लाख नए घरों को PNG कनेक्शन से जोड़ा गया है। लागत कम करने और एफिशिएंसी सुधारने के लिए कंपनी ने अपनी जॉइंट वेंचर 'IGL Genesis Technologies' में मीटर मैन्युफैक्चरिंग भी शुरू कर दी है।
सोलर एनर्जी में बड़ा दांव
गैस के अलावा अब कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में उतर रही है। राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम (RVUNL) के साथ मिलकर कंपनी 500 MWp का सोलर पावर प्लांट लगाएगी। साथ ही, राजस्थान में 200 MW के सोलर प्लांट के लिए टेंडर भी जारी किया गया है। यह कदम कंपनी के एनर्जी पोर्टफोलियो को संतुलित करने में मदद करेगा।
सेक्टर के सामने चुनौतियां
वॉल्यूम में बढ़त के बावजूद, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) सेक्टर के लिए चुनौतियां कम नहीं हैं। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव के कारण गैस प्रोक्योरमेंट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। IGL, Mahanagar Gas (MGL) और Gujarat Gas (GGL) जैसी कंपनियों के लिए अपने प्रॉफिट मार्जिन को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती है। गैस की बढ़ती कीमतों को ग्राहकों पर डालना और साथ ही डिमांड बनाए रखना मैनेजमेंट के लिए बड़ी परीक्षा होगी।
शेयरधारकों को तोहफा
मजबूत कैश फ्लो को देखते हुए कंपनी ने ₹1.5 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। इंटरिम डिविडेंड को मिलाकर इस फाइनेंशियल ईयर के लिए कुल पेआउट ₹4.75 प्रति शेयर रहा है। अब निवेशकों की नजर आने वाले समय में सोलर प्रोजेक्ट्स की कमीशनिंग और गैस एलोकेशन पर बनी रहेगी।
