Indraprastha Gas Limited (IGL) ने CNG की कीमतों में ₹3.89 प्रति किलो का इजाफा कर दिया है। 29 अगस्त, 2026 से लागू होने वाली यह इस साल की पांचवीं बढ़ोतरी है। इंटरनेशनल मार्केट में गैस की बढ़ती कीमतों के चलते कंपनी ने यह फैसला लिया है, जो हालिया कमजोर तिमाही नतीजों के बाद आया है।
दिल्ली में नई कीमतें लागू
Indraprastha Gas Limited (IGL) ने घोषणा की है कि 29 अगस्त, 2026 की सुबह 6:00 बजे से CNG के दाम में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी प्रभावी हो गई है। इस बदलाव के बाद दिल्ली में CNG की रिटेल कीमत ₹86.98 प्रति किलो तक पहुंच गई है। कंपनी का कहना है कि वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के कारण इंटरनेशनल मार्केट में गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसका असर भारत में प्रोक्योरमेंट कॉस्ट पर पड़ रहा है।
मुनाफे पर दबाव और फाइनेंशियल चुनौती
यह प्राइस हाइक ऐसे समय में आया है जब IGL के सामने भारी फाइनेंशियल चुनौतियां हैं। 13 अगस्त, 2026 को जारी Q1 FY27 के नतीजों में कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 44% घटकर ₹238 करोड़ रह गया था। हालांकि रेवेन्यू में 17% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, लेकिन रॉ मटेरियल की बढ़ती लागत ने मार्जिन पर काफी दबाव डाला है।
लंबी अवधि के रिस्क (Strategic Risks)
IGL के लिए चुनौतियां सिर्फ कच्चे माल की कीमतों तक सीमित नहीं हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) के बढ़ते चलन से CNG की डिमांड पर लॉन्ग टर्म में असर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो गैस और बिजली की लागत के बीच का अंतर कम हो जाएगा, जिससे वॉल्यूम ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, सरकारी पॉलिसी और गैस एलोकेशन से जुड़े फैसले भी भविष्य में कंपनी के मुनाफे की दिशा तय करेंगे।
ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स पर असर
यह साल 2026 में कीमतों में पांचवीं बार की गई बढ़ोतरी है। नेशनल कैपिटल रीजन में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और छोटे कमर्शियल वाहनों के लिए CNG मुख्य ईंधन है। बार-बार बढ़ती कीमतों से इन सेक्टरों का ऑपरेशनल खर्च बढ़ेगा, जिससे आने वाले समय में आम लोगों को ट्रांसपोर्ट किराए में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। निवेशक अब अगली तिमाही के नतीजों पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या यह प्राइस हाइक कंपनी के मार्जिन को रिकवर करने में मदद कर पाएगा या फिर बढ़ती लागत का साया मुनाफे पर बना रहेगा।
