Indofast Energy, IndianOil और Sun Mobility की साझेदारी वाली कंपनी, अपने बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) नेटवर्क का विस्तार अब नए शहरों में नहीं, बल्कि उन शहरों में करने जा रही है जहाँ वह पहले से मौजूद है। कंपनी के CEO, अनंत बदजट्या, ने इसे 'इंक-ब्लॉट स्ट्रैटेजी' (Ink-blot strategy) कहा है, जिसका मतलब है हर शहर में अधिकतम घनत्व (density) हासिल करना। इस योजना के तहत, Indofast एनर्जी मौजूदा 24 शहरों में फैले अपने 1,300 से अधिक बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों को मार्च 2026 तक बढ़ाकर लगभग 2,750 तक ले जाने का इरादा रखती है। इस विस्तार में सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ वाले इलाकों, जैसे मेट्रो कॉरिडोर, रेलवे स्टेशन और अन्य पब्लिक यूटिलिटी साइट्स को प्राथमिकता दी जाएगी, जहाँ उपयोग सबसे अधिक होता है।
फिलहाल, दिल्ली-एनसीआर (NCR) लगभग 550 स्टेशनों के साथ इस नेटवर्क में सबसे आगे है, जबकि बेंगलुरु में 330 से अधिक स्टेशन हैं। हैदराबाद में करीब 130 स्टेशन स्थापित हैं, वहीं मुंबई और जयपुर में लगभग 50-50 स्टेशन मौजूद हैं। इस सघनता का मुख्य उद्देश्य EV उपयोगकर्ताओं के लिए बैटरी स्वैपिंग सेवा को तेज और अधिक सुलभ बनाना है, ताकि लास्ट-माइल डिलीवरी और रोजमर्रा की यात्रा में लगने वाले समय को कम किया जा सके।
Indofast Energy का विस्तार पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। कंपनी ने बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (BMRCL) के साथ मिलकर 35 से अधिक स्टेशन लगाए हैं और इसे 50-60 तक बढ़ाने की योजना है। इसी तरह, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) के साथ भी ऐसी ही पहलें चल रही हैं, जहाँ मुंबई मेट्रो लाइनों पर 50 से अधिक स्टेशन लगाने का लक्ष्य है। इसके अलावा, इंडोफास्ट ने इंडियन रेलवेज के स्टेशनों पर भी लगभग 100 स्टेशन स्थापित किए हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, खासकर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के फ्यूल पंपों पर 200 से अधिक स्टेशन हैं, साथ ही फ्रेंचाइजी आउटलेट्स का नेटवर्क भी बढ़ रहा है। CEO का अनुमान है कि कंपनी के भविष्य के 10,000 स्टेशनों वाले नेटवर्क का 25-30% हिस्सा ऐसी सरकारी और पब्लिक यूटिलिटी की साझेदारियों से आएगा।
भारत में बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, जो सरकारी नीतियों और EV को अपनाने में बढ़ोतरी का नतीजा है। जनवरी 2026 तक, भारत में EV की बिक्री में साल-दर-साल 30% से अधिक की वृद्धि देखी गई, और 2025 में 20 लाख से अधिक EV रजिस्टर हुए। हालांकि, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कुछ चुनौतियां हैं; रिपोर्टों के अनुसार, 10% से भी कम पब्लिक चार्जर का नियमित रूप से उपयोग होता है और उपलब्ध चार्जर व EV की संख्या में एक बड़ा अंतर है। Indofast Energy की रणनीति इन चुनौतियों का समाधान उच्च-घनत्व वाले, सुविधाजनक स्वैपिंग पॉइंट्स पर ध्यान केंद्रित करके करती है। भारतीय BaaS बाजार में मुख्य प्रतिस्पर्धियों में Battery Smart, VoltUp और Yulu जैसी कंपनियां शामिल हैं।
एक जॉइंट वेंचर पार्टनर के तौर पर, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) Indofast Energy को महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान करता है। 2 फरवरी 2026 तक, IOCL का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹228 बिलियन था, जिसका ट्रेलिंग P/E रेश्यो लगभग 9.17 था। इसी दिन, IOCL के शेयर में इंट्रा-डे 3.25% की तेजी आई और यह ₹165 तक पहुंचा, जो व्यापक बाजार सूचकांकों और तेल क्षेत्र से बेहतर प्रदर्शन था। यह सकारात्मक momentum ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी के विविध संचालन और EV इकोसिस्टम में Indofast Energy जैसे रणनीतिक निवेशों में निवेशक के विश्वास को दर्शाता है।
हालांकि Indofast Energy कोलकाता जैसे नए बाजारों की खोज कर रही है और भुवनेश्वर व रांची जैसे शहरों की योजना बना रही है, लेकिन तत्काल प्राथमिकता मौजूदा शहरों में बाजार संतृप्ति (market saturation) और परिचालन दक्षता (operational efficiency) पर बनी हुई है। यह सुनियोजित विस्तार, व्यापक भौगोलिक छलांग लगाने से पहले BaaS प्रदाता के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है, जिसका उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते EV बेड़े का समर्थन करने के लिए निर्बाध, विश्वसनीय ऊर्जा समाधान प्रदान करना है। कंपनी का लक्ष्य दोपहिया EV ग्राहकों के लिए डिफ़ॉल्ट ऊर्जा भागीदार बनना है।