सप्लाई की चिंताएं गलत: कंपनियों का आश्वासन
कई प्रमुख भारतीय तेल कंपनियों ने बुधवार को पेट्रोल, डीजल और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की आसन्न कमी की व्यापक अफवाहों को खारिज करने के लिए बयान जारी किए। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL), और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने ऐसी अटकलों को 'पूरी तरह से गलत' करार दिया, और देश भर में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
वैश्विक तनाव और सप्लाई की असली तस्वीर
कंपनियों के इन आश्वासनों का आना तेल आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच हुआ है। फारस की खाड़ी (Strait of Hormuz) में संभावित व्यवधान, जो मध्य पूर्व (Middle East) के मौजूदा संकट से और बढ़ गए हैं, ने दुनिया भर में चिंताएं बढ़ा दी हैं। ये बयान जनता की घबराहट को कम करने और जमाखोरी (Hoarding) को रोकने के उद्देश्य से दिए गए हैं, जिससे वितरण नेटवर्क पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।
एलपीजी रीफिल शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं
इंडियन ऑयल ने विशेष रूप से एलपीजी रीफिल बुकिंग शेड्यूल में बदलाव की अफवाहों पर ध्यान दिया। कंपनी ने पुष्टि की कि शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों की मौजूदा समय-सीमा अभी भी प्रभावी है। पूरे देश में पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है, और ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक संचार पर भरोसा करें और घबराहट में बुकिंग करने से बचें।
प्रीमियम ईंधनों की कीमतों में मामूली वृद्धि
जहां नियमित पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, वहीं तेल विपणन कंपनियों ने हाल ही में 95-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में लगभग ₹2 प्रति लीटर और औद्योगिक डीजल की कीमत में ₹22 प्रति लीटर की वृद्धि की है। अधिकारियों ने नोट किया कि प्रीमियम पेट्रोल कुल खपत का पाँच प्रतिशत से भी कम हिस्सा है, जिसका अर्थ है कि औसत उपभोक्ता पर इसका बहुत मामूली प्रभाव पड़ेगा।
वैश्विक तेल कीमतों में गिरावट
क्षेत्रीय आपूर्ति तनावों के बावजूद, वैश्विक तेल बाजारों में गिरावट का रुख देखा गया। ब्रेंट क्रूड (Brent crude) फ्यूचर्स $99 प्रति बैरल से नीचे गिर गया, और यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (West Texas Intermediate) फ्यूचर्स $88 प्रति बैरल से नीचे आ गया। यह बताता है कि कुछ बाजार सहभागियों द्वारा आशंकाई जा रही तत्काल आपूर्ति की कमी अभी व्यापक रूप से साकार नहीं हुई है, हालांकि बाजार की स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है।