Thermal Power Plants: बिजली संकट का खतरा! कोयले की भारी किल्लत से आधे पावर प्लांट बेहाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Thermal Power Plants: बिजली संकट का खतरा! कोयले की भारी किल्लत से आधे पावर प्लांट बेहाल

भारत के आधे कोल-फायर्ड पावर प्लांट (Coal-fired power plants) में कोयले का स्टॉक गिरकर **3 दिन** से भी कम रह गया है। बिजली की जबरदस्त मांग और सप्लाई चेन में बाधाओं के चलते पावर जनरेशन कंपनियों के लिए बड़ा रिस्क पैदा हो गया है।

कोयले की कमी का बड़ा संकट

सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (Central Electricity Authority) के ताजा डेटा के अनुसार, देश के 191 में से 96 कोयला आधारित पावर प्लांट फिलहाल क्रिटिकल स्थिति में हैं। सितंबर के बाद से कोयले के रिजर्व में तेजी से गिरावट आई है, जिसका मुख्य कारण औद्योगिक और घरेलू सेक्टर में बिजली की रिकॉर्ड तोड़ मांग है।

क्यों बढ़ गया है दबाव?

इस संकट के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। मानसून की कमी के कारण हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर (Hydroelectric power) उत्पादन में 20% की भारी गिरावट आई है। इसकी भरपाई करने के लिए थर्मल पावर प्लांट्स पर दबाव बढ़ गया है, जिनका आउटपुट सितंबर में 13% से ज्यादा बढ़ गया। इसके अलावा, भीषण गर्मी के कारण कूलिंग के लिए बिजली की खपत भी ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है।

कंपनियों के मुनाफे पर असर

निवेशकों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है। फ्यूल की कमी के चलते कंपनियों को या तो अपना प्रोडक्शन घटाना पड़ता है या फिर ऊंचे दामों पर महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है, जो सीधे उनके नेट प्रॉफिट मार्जिन पर चोट करती है। जिन कंपनियों के पास खुद की 'कैप्टिव कोल माइन्स' (Captive coal mines) हैं, वे इस मामले में सुरक्षित हैं, लेकिन बाकी कंपनियों को सप्लाई चेन की दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।

लॉजिस्टिक और भविष्य की चुनौतियां

कोयला खनन के बावजूद, उसे पावर प्लांट तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। रेल नेटवर्क का कंजेशन और वैगन्स की कमी के चलते कोयले की समय पर डिलीवरी मुश्किल हो रही है। हालांकि देश रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) की क्षमता बढ़ा रहा है, लेकिन बैटरी स्टोरेज की कमी के कारण थर्मल पावर प्लांट ही फिलहाल ग्रिड की रीढ़ बने हुए हैं। निवेशकों को अब डेली बेसिस पर कोयले के स्टॉक लेवल्स और रेल लॉजिस्टिक्स पर नजर रखनी चाहिए ताकि कंपनियों की ऑपरेशनल हेल्थ का सही अंदाजा मिल सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.