रूस के तेल पर बड़ी खबर! अमेरिकी छूट खत्म, पर भारत की रिफाइनरियां तैयार

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AuthorAditya Rao|Published at:
रूस के तेल पर बड़ी खबर! अमेरिकी छूट खत्म, पर भारत की रिफाइनरियां तैयार
Overview

भारत की तेल रिफाइनरियां (Refiners) अमेरिकी सरकार की रूस से क्रूड ऑयल (Crude Oil) खरीदने की छूट (Waiver) के खत्म होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कम होती डोमेस्टिक डिमांड (Demand), अमेरिका और मध्य पूर्व (Middle East) से आसानी से उपलब्ध तेल, और चीन की मार्केट में कम मौजूदगी जैसे फैक्टर्स भारत की सप्लाई को सुनिश्चित करेंगे।

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क्या अमेरिका की छूट खत्म होने से भारत को होगा झटका?

अमेरिकी सरकार द्वारा रूस से क्रूड ऑयल (Crude Oil) खरीदने की छूट (Waiver) का खत्म होना भारत की एनर्जी सप्लाई (Energy Supply) के लिए ज्यादा चिंता का विषय नहीं है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स का मानना है कि भारतीय रिफाइनरियां इस बदलाव को आसानी से मैनेज कर लेंगी।

कम होती डिमांड दे रही बड़ी राहत

इसकी एक बड़ी वजह है भारत में कम होती डोमेस्टिक डिमांड (Demand)। Reliance Industries Ltd. और Nayara Energy Ltd. जैसी बड़ी प्राइवेट रिफाइनरियां (Refiners) फिलहाल मेंटेनेंस से गुजर रही हैं, जिससे कच्चे तेल (Crude Oil) की जरूरत फिलहाल कम हो गई है। इस कम डिमांड की वजह से तैरते हुए स्टोरेज (Floating Storage) में रूसी कच्चे तेल की मात्रा पिछले एक महीने में पांच गुना बढ़कर सात मिलियन बैरल से ऊपर पहुंच गई है। इससे भारतीय रिफाइनरों को सप्लाई मैनेज करने में बड़ी फ्लेक्सिबिलिटी मिली है।

दुनिया भर से तेल की भरमार, सप्लाई की चिंता नहीं

आपूर्ति (Supply) की चिंता कम होने का एक और कारण है दुनिया भर से तेल की आसानी से उपलब्धता। ट्रेडर्स के मुताबिक, रूसी तेल के अलावा अमेरिका (U.S.), UAE, ओमान और इराक से भी प्रॉम्प्ट-लोडिंग क्रूड (Prompt-loading Crude) के अच्छे ऑफर मिल रहे हैं। भले ही यूक्रेन युद्ध से पहले के मुकाबले मध्य पूर्व (Middle East) से सप्लाई थोड़ी कम हो, लेकिन चीन की स्पॉट मार्केट (Spot Market) में कम एक्टिविटी के साथ मिलकर ये स्रोत कुल सप्लाई को बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। भारत के पास करीब 60 दिनों की क्रूड ऑयल और LNG की जरूरत को पूरा करने के लिए स्ट्रेटेजिक रिजर्व (Strategic Reserves) भी हैं, जो सप्लाई सुरक्षा को और बढ़ाते हैं।

रूसी तेल क्यों रहेगा अहम?

Kpler Ltd. के मैनेजर Sumit Ritolia का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए, रूसी क्रूड (Russian Crude) के पैमाने (Scale) और कीमत का मुकाबला करने वाले विकल्प (Alternatives) बहुत कम हैं। उन्होंने कहा, 'निकट भविष्य में भारत के रूसी क्रूड से दूर जाने की संभावना कम है।' उन्होंने 2022 से भारत के लिए रूसी तेल के डिस्काउंटेड (Discounted) होने की बात पर जोर दिया। Hindustan Petroleum Corp. के चेयरमैन Vikas Kaushal ने भी इसी तरह की खरीद पैटर्न की पुष्टि की है, और कहा है कि वे अफ्रीका, अमेरिका और वेनेजुएला से भी तेल खरीद रहे हैं, भले ही कीमतें पूरी तरह मेल न खाएं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.