गर्मी की मार, ग्रिड पर रिकॉर्ड बोझ
भीषण गर्मी की लहरें भारत के पावर ग्रिड पर लगातार दबाव बना रही हैं। 26 अप्रैल, 2026 को पीक पावर डिमांड 256.11 GW के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। यह पिछले साल अप्रैल 2025 के 235 GW के पीक डिमांड से काफी ज्यादा है और 2026 की गर्मी के लिए सरकारी अनुमान 270 GW की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस अभूतपूर्व मांग का मुख्य कारण दिल्ली जैसे शहरों में 42.8°C तक पहुंचने वाला पारा और एयर कंडीशनर (AC) तथा कूलिंग डिवाइस का बढ़ता इस्तेमाल है।
मांग पैटर्न में बदलाव और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव
गर्मी के कारण बिजली की मांग में अब सिर्फ दोपहर में ही नहीं, बल्कि शाम को भी भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर भारी दबाव पड़ा है। हर 1°C तापमान बढ़ने पर भारत की बिजली मांग में लगभग 7 GW की बढ़ोतरी होती है, जो 2019 में 4 GW थी। 2024 की गर्मियों में 14 सालों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 536 हीटवेव वाले दिन दर्ज किए गए थे, और 2026 में गर्मी और भी जल्दी और ज्यादा खतरनाक रूप में दस्तक दे चुकी है।
शेयर बाजार में पावर स्टॉक्स की धूम
बढ़ती बिजली मांग की उम्मीदों से निवेशकों का सेंटिमेंट मजबूत हुआ है। अप्रैल 2026 में Adani Power के शेयर 44% से ज्यादा उछलकर ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए। NTPC, JSW Energy और Tata Power जैसी बड़ी कंपनियों के स्टॉक्स में भी तेजी देखी गई, जो निफ्टी 50 इंडेक्स के 12% साल-दर-तारीख (YTD) गिरावट के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। मार्च 2026 तक Sector का P/E रेश्यो लगभग 30.46 था, जिसमें Adani Power का P/E 31.92 से 40.27 के बीच, NTPC का 16.65 से 27.21 और Power Grid Corporation का 18.96 से 20.24 के बीच रहा।
भविष्य की राह: कोयला या ग्रीन एनर्जी?
बाहरी सप्लाई की दिक्कतों के चलते, सरकार ने कोयला आधारित पावर प्लांट्स के मेंटेनेंस को जून 2026 तक टाल दिया है ताकि बिजली की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित हो सके। हालांकि, रिन्यूएबल एनर्जी के लक्ष्य के बावजूद, कोयले पर निर्भरता बढ़ गई है। भविष्य में इलेक्ट्रिफिकेशन, EV और डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, अनुमानित मांग को देखते हुए 2030 तक 600 GW क्लीन एनर्जी क्षमता की आवश्यकता हो सकती है, जो वर्तमान 500 GW के लक्ष्य से अधिक है।
विश्लेषकों की राय और आगे की चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत फंडामेंटल्स, रेगुलेटेड रिटर्न और अच्छी फ्यूल सिक्योरिटी वाली यूटिलिटीज के लिए पॉजिटिव आउटलुक है। JM Financial ने Adani Power, Adani Green, Tata Power और JSW Energy जैसी कंपनियों पर भरोसा जताया है। वहीं, Axis Securities ने JSW Energy, NLC India और Coal India को रेकमेंड किया है। हालांकि, पावर सेक्टर में कुछ स्टॉक्स की हाई वैल्यूएशन पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बढ़ती मांग और चरम मौसम की घटनाओं के बीच, क्षमता विस्तार और क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को संतुलित करना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
